संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। कपाल मोचन स्थित ऐतिहासिक गुरु रविदास मंदिर डेरा बाबा लालदास गद्दीनशीन महंत निर्मलदास महाराज का जन्मदिन संगत ने बड़ी धूमधाम से मनाया। इस दौरान मंदिर में सत्संग समागम करवाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सत्संग में जत्थों ने गुरु रविदास की महिमा का गुणगान किया।
स्वामी ज्ञाननाथ महाराज ने कहा कि संतों महापुरुषों की वजह से इस स्थान पर मेले लग रहे हैं, जो संगत यहां आती है, वह यहां से परमात्मा का नाम लेकर जाए। चूंकि जब तक परमात्मा को जानेंगे तब तक उन्हें पा नहीं सकते हैं। महंत निर्मलदास गुरु वाणी के प्रचार प्रसार में लगे हैं। इस गुरु घर से धार्मिक, सामाजिक और शिक्षा की जो अलख जगाई जा रही है, वह हमारी पीढ़ी को रोशन कर रही है।
महंत बाबा राम सिंह झरमड़ी दरबार ने कहा कि निर्मल दास केवल नाम ही वे मन के भी निर्मल हैं। हर समाज में उनकी पैठ है और उनके प्रवचनों में भी एकता की बात झलकती है। बिना भेदभाव के वे हर व्यक्ति को साथ लेकर चलते हैं और सर्वसमाज का संदेश दे रहे हैं। महंत निर्मलदास ने कहा कि संगत अपने बच्चों को शिक्षित बनाएं, उनमें अच्छे संस्कार दें यही उनका जन्मदिन का उपहार है।
उन्होंने कहा कि व्यर्थ खर्च न करके बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करें। उन्हें गुरु वाणी से जोड़ें। गुरु रविदास वाणी पर चलकर परोपकार के कार्य करें और आपसी प्रेमभाव से मिलकर रहें। इस स्थान पर संतों ने जो धर्म और प्रेम का पौधा लगाया था वह खूब फल फूल रहा है।
लाखों लोग यहां से नामदीक्षा लेकर गुरवाणी से जुड़े हैं। यहां शिक्षा लेकर बहुत से युवा नौकरी हासिल कर चुके हैं। यहां चलने वाला हर समय लंगर लोगों के लिए मददगार साबित हो रहा है। यह सब संगत के सहयोग से होता है। सत्संग के बाद भंडारा कराया गया। इस दौरान प्रबंधक अमरनाथ ज्ञासड़ा, रमेश कुमार, महिंद्र नागरा, फूल सिंह, राजकुमार, रामलाल, ऋषिपाल सहित संगत मौजूद रही।
कपालमोचन स्थित गुरु रविदास मंदिर डेरा बाबा लालदास सत्संग समागम में उपस्थित श्रद्धालु। संवाद