संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर (यमुनानगर)। कस्बा के शिव चौक पर व्यासपुर, साढौरा व छछरौली की सिख संगत ने श्री अकाल तख्त अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब व श्री दमदमा साहिब के जत्थेदारों को गलत तरीके से बदलने पर रोष जताया। इस दौरान संगत ने पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, बलजिंद्र सिंह बुदंड, बलदेव, बिरसा सिंह बरटोआ व रघुजीत सिंह विर्क के पुतले जलाए।
मनमोहन सिंह बलौली व राजिंद्र सिंह बकाला ने कहा कि सुखबीर बादल की शह पर जत्थेदारों को बदल दिया गया। श्री केशगढ़ साहिब के जत्थेदार की तड़के पौने तीन बजे दस्तार बंदी कर मर्यादा का उल्लंघन किया है। जबकि सिख मर्यादा के अनुसार रात को श्री गुरु साहिब का सुख आसन किया जाता हैं।
इस दौरान श्री अकाल तख्त अमृतसर में न तो कोई निहंग सिख, जत्थेदार और न ही दरबार साहिब से कोई मौजूद था। यह सब खेल सुखबीर बादल की शह पर उनके गुर्गों की मिलीभगत से किया गया। इससे पूरे पंजाब, हरियाणा सहित देश की सिख संगत में रोष हैं। इस मौके पर रूपिंद्र सिंह मारवा, दिलबाग सिंह, गगनप्रीत सिंह, बावा सिंह, मियांपुर गुरुजिंद्र सिंह, हरिंद्र सिंह चीमा साढौरा, बलजिंद्र सिंह, जसबीर सिंह, डाॅ. नरेश, धर्म सिंह नौशहरा आदि उपस्थित रहे।
क्या कहते हैं हरियाणा सिख पंथक दल के प्रधान
हरियाणा सिख पंथक दल के प्रधान बलदेव सिंह कायमपुर का कहना है कि जो लोग पुतले जला रहे हैं इनको सिख धर्म के बारे ज्ञान नहीं हैं। यह मामला सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त से जुड़ा हुआ है। यह लोग जिस फैसले का विरोध कर रहे हैं उसको करोड़ों लोगों ने सराहा हैं। ये कुछ लोग है जो एजेंसियों के हाथों चढ़े हुए हैं। इनका मकसद सिख कौम को कमजोर करना व दोफाड़ करना है। सिख धर्म से जुड़े धार्मिक मामले मिल बैठकर सुलझाने चाहिए। हम सबको श्री अकाल तख्त का सत्कार करना चाहिए। ये लोग हरियाणा के चुनावों में भी हरियाणा की जनता ने नकार दिए गए हैं।