संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। कॉलेज रोड स्थित श्री बाला जी मंदिर में कराई जा रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास राम सुमिरन दास महाराज ने भगवान विष्णु के अवतारों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु के कुल दस अवतार हुए, जिसमें श्रीराम सभी अवतारों में सबसे ज्यादा पूजनीय है।
उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु ने असुरों का संहार करने के लिए पृथ्वी पर जन्म लिया। भगवान श्रीराम ने मातृ-पितृ भक्ति के चलते अपने पिता राजा दशरथ के एक आदेश पर 14 वर्ष तक वनवास काटा। नैतिकता, वीरता, कर्तव्य के जो उदाहरण भगवान श्रीराम ने प्रस्तुत किए, वह मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक बन गए।
भगवान श्रीराम अपनी प्रजा को हर तरह से सुखी रखना चाहते थे। उनकी धारणा थी कि जिस राजा के शासन में प्रजा दुखी रहती है, वह राजा नरक भोगी होता है। कथा श्री बालाजी सेवा समिति की ओर से कराई जा रही है। मौके पर समिति के प्रधान विनोद राणा, बबलू, प्रवीण, अनिल, प्रियकांत जोगी, श्रीराम गर्ग मौजूद रहे।