यमुनानगर। शहर के बड़े नालों की पहले चरण की सफाई पूरी करने के लिए सात दिन शेष हैं, बावजूद इसके अभी भी जगाधरी से यमुनानगर आ रहे बड़े नाले सहित अन्य नाले गंदगी से अटे हैं।
शहर के लोगों का आरोप है कि निगम के अफसर नालों की सुध नहीं ले रहे। इससे मानसून की बारिश से शहर में जलभराव की आशंका है।
नगर निगम अफसरों ने शहर के 65 बड़े नालों की सफाई के लिए एजेंसी से करीब 72 लाख रुपये में ठेका किया। मई की शुरुआत में ही एजेंसी से नालों की सफाई शुरू कराई।
इस बीच डीसी पार्थ गुप्ता ने निरीक्षण कर ठेकेदार व निगम अफसरों को पांच जून तक पहले चरण की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए, मौजूदा हालात देखकर नहीं लगता कि पहले चरण के बचे सात दिन में नालों की सफाई पूरी हो पाएगी।
चूंकि जगाधरी से यमुनानगर आ रहे बड़े नाले सहित अन्य नालों में अभी भी गंदगी नजर आ रही है। मानसून में सबसे ज्यादा जलभराव के हालात झेलने वाले लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, टैगोर गार्डन, आजाद नगर में भी नालों में कचरा दिख रहा है। इसके अलावा प्रोफेसर कॉलोनी, सेक्टर-17, टैगोर गार्डन व जगाधरी की कॉलोनी में नालों में गंदगी है। शहीद भगत सिंह चौक से जगाधरी के महाराजा अग्रसेन चौक तक दोनों ओर बने नाले भी पूरी तरह गंदगी से जाम पड़े हैं।
मानसून से पहले यह हाल देख शहर के लोग जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। संवाद