एडीजे डॉक्टर अब्दुल माजिद की कोर्ट ने कोर्ट परिसर में गैंगस्टर मोनू राणा और पुलिसकर्मी सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र सिंह को गोली मारने के मामले में गैंगेस्टर भूप्पी राणा, गोली चलाने वाले साहिल और गौरव को 10-10 साल कठोर करावास की सजा सुनाई है।
तीनों दोषियों पर 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। करीब तीन साल तक कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र सिंह व मोनू राणा समेत कई लोगों की गवाही हुई।
अंबाला के एमआर गैंग के सरगना शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा पर फर्कपुर थाने में 21 अक्तूबर 2015 को हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ था। इस केस में चार जनवरी 2017 को मोनू राणा को जिला अदालत में पेशी पर अंबाला जेल से लाया गया था। कोर्ट में पेशी के बाद जैसे ही पुलिस कर्मचारी शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा को कोर्ट रूम से बाहर लेकर आए तो कोर्ट गैलरी में मौजूद बीआर गैंग के सदस्य अंबाला के गांव शहजादपुर निवासी साहिल राणा ने उस पर गोलियां चला दी।
एक गोली शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा की पीठ में लगी और दूसरी गोली उसकी बाजू में लगी। कोर्ट में अन्य मामले में गवाही देने आए एसआई जोगिंद्र सिंह राणा ने आरोपी साहिल को पकड़ना चाहा तो आरोपी के दूसरे साथी गौरव ने उस पर गोली चला दी। गोली एसआई जोगिंद्र राणा की टांग पर लगी। जिसका फायदा उठाते हुए आरोपी साहिल और गौरव हवा में अपनी पिस्टल लहराते हुए भागने लगे।
दोनों पहली मंजिल से उतरकर कोर्ट परिसर से बाहर तक आ गए। इस दौरान गोलियों की आवाज सुनकर अदालत में तैनात पुलिस की स्कॉट गारद की टीम ने उनका पीछा कर साहिल को पकड़ लिया, जबकि उसका दूसरा साथी गौरव भागने में कामयाब हो गया। पूछताछ में साहिल ने बताया था कि उन्होंने गैंगेस्टर भूपेंद्र उर्फ भूप्पी राणा के कहने पर मोनू राणा को मारने के लिए गोली चलाई थी। तब पुलिस ने भूप्पी राणा व उसके साथियों पर हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था। तभी से मामला कोर्ट में चल रहा था।