कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब सरकार ने शराब, नशा और हिंसा को महिमामंडित करने वाले गीतों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। राज्य सरकार के गृह विभाग की ओर से केंद्रीय सूचना मंत्रालय और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय को भेजे एक पत्र में आग्रह किया है कि यूट्यूब और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर चल रहे हिंसा, शराब और नशे को बढ़ावा देने वाले गीतों पर रोक लगाई जाए। राज्य सरकार ने लाइव कार्यक्रमों के दौरान भी ऐसे गीत गाने या सुनाने पर रोक लगाने की मांग की है।
गृह विभाग ने इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 2016 के एक मामले में जारी किए आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि लाइव कार्यक्रमों के दौरान ऐसे गीतों पर रोक को सुनिश्चित करें। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेटों और सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को भी हाईकोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
गृह विभाग ने पत्र में आगे लिखा कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र में केंद्र सरकार से अपील की गई है कि वह उक्त गीतों को यूट्यूब व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटाने के लिए संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों को निर्देश जारी करे क्योंकि ऐसे गीत स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों पर बुरा असर डाल रहे हैं और युवा वर्ग इन गीतों के कारण गुमराह हो रहा है।