संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगते जा रहे हैं। शहर में 1300 मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा फैल चुका है। बारिश के कारण खुले में पड़ा कूड़ा गीला हो गया है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध फैलने लगी है। कचरे के ढेर पर मक्खियों की भरमार होने से लोगों में बीमारियां फैलने का डर बढ़ गया है।
नगर निगम के 420 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कूड़ा नहीं उठने से परेशान लोग अब अपने क्षेत्र के पार्षदों और नगर निगम कार्यालय में फोन कर कचरा उठाने की मांग करने लगे हैं। लोगों का कहना है कि कई दिनों से सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने नहीं पहुंच रहे हैं। घरों से निकलने वाला कचरा भी लोग मजबूरी में खाली प्लॉटों और सड़क किनारे डाल रहे हैं।
इससे समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। खुले में पड़ा कूड़ा पानी के संपर्क में आने से सड़ने लगा है। इससे दुर्गंध के साथ-साथ मच्छर और मक्खियां भी बढ़ने लगी हैं। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द कूड़ा नहीं उठाया गया तो बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
शहरवासियों का कहना है कि कूड़ा उठान के लिए नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों को लगातार शिकायतें दी जा रही हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में कचरा नहीं उठाया जा रहा। लोगों ने निगम प्रशासन से मांग की है कि शहर में विशेष अभियान चलाकर कूड़े के ढेर हटाए जाएं और उठान सुनिश्चित किया जाए।
दुर्गंध घरों तक आने लगी
रामपुरा कॉलोनी निवासी लक्ष्य दत्ता ने कहा कि कई दिनों से घरों के आसपास कूड़ा पड़ा हुआ है। बारिश होने के बाद कचरा गीला होकर सड़ने लगा है और इतनी दुर्गंध आती है कि घरों की खिड़कियां तक बंद रखनी पड़ती हैं। कूड़े पर मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं।
बढ़ रहे हैं कूड़े के ढेर
ससौली निवासी विक्रांत का कहना है कि उनके एरिया में भी कूड़ा उठान नियमित नहीं हो रहा है। सड़क किनारे और खाली जगहों पर कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। बारिश से कचरा गीला होने के बाद बदबू और ज्यादा बढ़ गई है।
सफाई कर्मचारी भले ही हड़ताल पर हो लेकिन अतिरिक्त व्यवस्था करके कूड़ा उठान का कार्य करवाया जा रहा है। कई बार तेज बारिश हो जाती है। जिससे उठान में दिक्कत आती है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
जगाधरी रोड पर सड़क किनारे बिखरा पड़ा कूड़ा। संवाद
जगाधरी रोड पर सड़क किनारे बिखरा पड़ा कूड़ा। संवाद