यमुनानगर। गेहूं सीजन के बीच जिले की अनाज मंडियों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से किसान परेशान हैं। दिनभर खेतों में कटाई करने के बाद मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को रातभर अपनी उपज की रखवाली खुद करनी पड़ रही है। मंडियों में न तो चौकीदार की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, जिससे किसानों को चोरी और पशुओं से फसल बचाने के लिए जागकर पहरा देना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में 24 घंटे गेट पास की व्यवस्था शुरू की है, जिससे किसान रात में भी गेहूं लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। हालांकि, रात के समय न तो खरीद प्रक्रिया होती है और न ही तौल का काम किया जाता है। ऐसे में किसान अपनी फसल मंडी में डालकर पूरी रात वहीं रुकने को मजबूर हैं। मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण किसान कभी मंडी के शेड के नीचे तो कभी आढ़ती की दुकानों के बरामदों में बैठकर अपनी फसल की निगरानी करते नजर आते हैं। कई किसान तिरपाल डालकर गेहूं को ढकते हैं, लेकिन इसके बावजूद पूरी रात सतर्क रहना उनकी मजबूरी बन गई है।
गेहूं की रातभर रखवाली की: परमजीत सिंह
व्यासपुर अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे गांव मारवा निवासी किसान परमजीत सिंह ने बताया कि वह शाम को मंडी में फसल लेकर आए थे, लेकिन नमी अधिक बताकर उनकी फसल की खरीद नहीं की गई। इसके चलते आढ़ती ने तौल भी नहीं की और गेहूं को तिरपाल से ढककर चले गए। उन्होंने बताया कि मंडी चारों ओर से खुली है और उनका गेहूं गोदाम के पीछे की ओर रखा गया है, जहां से कोई भी व्यक्ति खेतों की तरफ से आकर आसानी से फसल चोरी कर सकता है। व्यासपुर मंडी में सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। रात के समय अंधेरा रहने और चौकीदार न होने से खतरा और बढ़ जाता है। कई बार पशु भी मंडी में घुस आते हैं और फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में किसान बारी-बारी से जागकर अपनी फसल की रखवाली करते हैं।
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सभी मंडियों में हालत खराब: मनदीप सिंह
भारतीय किसान यूनियन के निदेशक मनदीप सिंह रोडछप्पर का कहना है कि किसी भी मंडी में फसल की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। किसान की आंख लगी नहीं कि बेसहारा पशु मंडी में आकर फसल को खाने लगते हैं। मंडियों में चौकीदारों की तैनाती की जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके। साथ ही, रात के समय भी खरीद और तौल की व्यवस्था शुरू करनी चाहिए, जिससे किसानों को पूरी रात मंडी में रुकना न पड़े। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, किसान अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए रातभर जागने को मजबूर हैं।
जगाधरी अनाज मंडी में उठान न होने से गेहूं के कट्टों से अटा मंडी का शेड। संवाद
जगाधरी अनाज मंडी में उठान न होने से गेहूं के कट्टों से अटा मंडी का शेड। संवाद
जगाधरी अनाज मंडी में उठान न होने से गेहूं के कट्टों से अटा मंडी का शेड। संवाद