संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वायु प्रदूषण मानदंडों का उल्लंघन करने पर रामपुर खादर गांव में तीन स्टोन क्रशरों को कुछ साल पहले हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) द्वारा सील किया गया था, लेकिन एचएसपीसीबी ने जब इन क्रशरों का दोबारा से निरीक्षण किया तो तीनों स्टाेन क्रशरों की सीलें खुली मिली। इस पर अब एचएसपीसीबी ने माइनिंग विभाग को पत्र लिखकर तीनों स्टोन क्रशरों से संबंधित खनन खनिजों की बिक्री और खरीद का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। खास बात यह है कि पत्र को लिखे भी एक माह बीत चुका है, किंतु खनन विभाग की तरफ से अभी तक एचएसपीसीबी को कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में अब एचएसपीसीबी की ओर से डीसी को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया जाएगा।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी विरेंद्र पूनिया ने बताया कि हमने तीनों क्रशरों का निरीक्षण किया था। जांच में सील हटी मिली। हमने तीनों प्लांटों को दोबारा से सील कर दिया है। अब माइनिंग विभाग से यह पूछा गया है जिस समय ये क्रशर बंद किए गए थे, उसके बाद से अब तक कोई रॉ मैटीरियल परचेज या सेल किया है या नहीं, उसकी डिटेल मांगी गई है। अभी इसका कोई जवाब नहीं मिला है।
यदि माइनिंग विभाग अपनी डिटेल में एचएसपीसीबी को यह लिखकर देता है कि जिस तारीख को तीनों स्टोन क्रशरों को सील किया गया था, उस दौरान से अब तक कोई रॉ मैटेरियल परचेज या सेल किया है, तब एचएसपीसीबी इनके खिलाफ पर्यावरण अदालत में केस चलाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि मामले में खनन विभाग की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिले के अन्य जो स्टोन क्रशर बंद पड़े हैं, उनकी भी लिस्ट तैयार कर रहा है। विभाग अब दूसरे क्रशरों पर भी जाकर निरीक्षण करेगा।