यमुनानगर के निजी स्कूल में वेस्ट सामान से बगाए गए मॉडल को दिखाते विद्यार्थी। आर्काइव
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में नगर निगम यमुनानगर को बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए इस बार स्कूलों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। इसी उद्देश्य से नगर निगम की ओर से शहर के स्कूलों में रोजाना वेस्ट से बेस्ट गतिविधियां करवाईं जा रही हैं।
इन गतिविधियों के जरिए न केवल बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम को सीधे तौर पर 500 अंक भी मिलने हैं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार स्कूल स्तर पर करवाई जा रही गतिविधियां इस बार सर्वेक्षण का अहम हिस्सा हैं। बच्चों द्वारा बेकार सामान से उपयोगी वस्तुएं तैयार की जा रही हैं, जिससे रिसाइक्लिंग और कचरा कम करने का संदेश दिया जा रहा है। निगम अधिकारियों का मानना है कि यदि बचपन से ही स्वच्छता की आदतें डाली जाएं, तो इसका असर लंबे समय तक देखने को मिलता है। पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में नगर निगम यमुनानगर ने देशभर में 47वां स्थान हासिल किया था। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही, क्योंकि 2023 के मुकाबले नगर निगम ने 174 अंकों की बड़ी छलांग लगाई थी। 47वां स्थान आने के साथ ही नगर निगम यमुनानगर ओडीएफ प्लस-प्लस की श्रेणी में शामिल हुआ था। वहीं प्रदेश के 87 शहरों में नगर निगम को 11वां स्थान मिला था। यह पहली बार था जब स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में नगर निगम टॉप 50 शहरों में शामिल हुआ। अब स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की टूल किट लॉच हो चुकी है। इस बार सर्वेक्षण कुल 12,500 अंकों का होगा, जो पिछले वर्ष के 9,500 अंकों के मुकाबले काफी अधिक है। नई थीम स्वच्छता की नई पहल बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ रखी गई है, जिसके तहत जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में चलाई जा रही गतिविधियां इसी जनभागीदारी को मजबूत करेंगी।