संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के जड़ौदा गेट निवासी 15 वर्षीय सार्थक शर्मा क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर रहा है। विकेटकीपर व बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाने वाला सार्थक अब तक 200 से अधिक मैच खेलकर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुका है।
बेहतरीन बल्लेबाजी के उसके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। जल्द ही वह अपने स्कूल की टीम का एसजीएफआई की जोनल प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व करेगा। सेंट थॉमस स्कूल की नौंवी के सार्थक शर्मा ने क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है। टीवी पर परिवार के साथ मैच देखते हुए मात्र छह वर्ष की आयु में क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
करीब आठ साल से वह प्रशिक्षण ले रहा है और प्रतिदिन सुबह-शाम अभ्यास कर रहा है। लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर सार्थक ने कम उम्र में ही उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वह तीन बार जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है, जबकि एक बार स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
सार्थक के नाम कई ट्रॉफियां और पदक दर्ज हैं। उन्होंने अपने बल्ले से सैकड़ों रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। हाल ही में हुई समर क्रिकेट टूर्नामेंट में सार्थक ने चार मैच में 227 रन बनाकर अपनी टीम को चैंपियन बनाया है। इस टूर्नामेंट में सार्थक ने फाल्कन टीम कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व कर विजेता का खिताब दिलवाया। उनकी सूझबूझ और शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल दिखाया।
इस टूर्नामेंट में सार्थक को श्रेष्ठ बल्लेबाज का खिताब मिला है। अब वह 18 जून को होने वाली एसजीएफआई की जोनल क्रिकेट चैंपियनशिप की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में वह सेंट थॉमस स्कूल की टीम का नेतृत्व करेंगे। सार्थक अपनी टीम के कप्तान चुनेंगे हैं। उनका लक्ष्य अपनी टीम को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। सार्थक ने बताया कि वह भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पहनकर देश के लिए खेलना चाहते हैं।
सार्थक ने बताया कि रोहित शर्मा को अपना आदर्श मानते हैं। भारतीय टीम में शामिल होने के लिए वह नियमित अभ्यास के साथ अपने खेल में लगातार सुधार कर रहा है। कोच पूनम भंडारी ने बताया कि सार्थक बेहतरीन खिलाड़ी और क्रिकेट में वह जिले का नाम दुनिया भर में मशहूर करेगा। उन्होंने कहा कि उसकी बेहतरीन तकनीक, टाइमिंग बिल्कुल उम्दा है।