संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरस्वती शुगर मिल ने सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता की उत्कृष्ट रिफाइंड चीनी का उत्पादन करके न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व में अपनी धाक जमाई है। शुगर मिल ने निर्धारित मानक से भी बढ़कर देश में सबसे सफेद रिफाइंड चीनी का उत्पादन किया है।
इसके लिए इंटरनेशनल कमीशन फॉर यूनिफॉर्म मेथड्स ऑफ शुगर एनालिसिस (आईकुमसा) ने सर्वे के आधार पर अंतरराष्ट्रीय कमीशन एवं शुगर टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसटीएआई) के 34वें आईकुमसा सत्र में सरस्वती शुगर मिल को उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह सम्मान आईकुमसा के चीफ डाॅ. पीटर ने सरस्वती शुगर मिल की और से नयना पुरी, सीईओ एसके सचदेवा एवं सत्यवीर सिंह को भेंट किया।
सरस्वती शुगर मिल में सालाना औसतन 15 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन होता है। मिल ने वर्ष 2023-24 में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से रिफाइनरी यूनिट स्थापित की थी। यह यूनिट इस्जेक कंपनी द्वारा स्थापित की गई थी। मिल की इस रिफाइनरी यूनिट में 15-आईयू आईकुमसा की उत्कृष्ट गुणवत्ता चीनी बनाई जा रही है।
वहीं वैश्विक स्तर पर चीनी का स्टैंडर्ड आईयू-25 है। आईयू-25 मानक को भी पीछे छोड़ते हुए सरस्वती शुगर मिल में उच्च गुणवत्ता की चीनी का उत्पादन किया है। यह चीनी सबसे सफेद होती है। इससे पहले शुगर मिल में सल्फर चीनी का उत्पादन किया जा रहा था।
उत्पादन के दौरान कम आईकुमसा की चीनी को बेहतर माना जाता है। आईकुमसा अंतरराष्ट्रीय आयोग के लिए चीनी की गुणवत्ता का विश्लेषण करती है, जिसकी स्थापना सन 1938 में की गई थी। स्थापना के बाद आईकुमसा सत्र के कार्यक्रम का आयोजन भारत में दूसरी बार किया गया। देश-विदेश की नामी कंपनियों व फाइव स्टार होटलों में कम आईकुमसा चीनी की मांग होती है।
उत्कृष्टता पुरस्कार बड़ा सम्मान : आदित्य पुरी
सरस्वती शुगर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य पुरी ने सम्मान मिलने पर कहा कि सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाली रिफाइंड चीनी के उत्पादन के लिए यह उत्कृष्टता पुरस्कार'' प्राप्त करना एक बड़ा सम्मान है। यह वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने और उनसे आगे निकलने के लिए हमारे समर्पण को दर्शाती है। इसके लिए कंपनी ने अत्याधुनिक रिफाइनिंग प्रौद्योगिकी में भारी निवेश किया है।