संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। लोकतांत्रिक देश में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। मतदान प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की क्षमता रखती है। इसलिए चुनावी प्रक्रिया में युवाओं की भूमिका को समझना जरूरी है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के अभिन्न अंग के रूप में युवा भारतीय एक और विशेषाधिकार की आकांक्षा करते हैं, वह है मतदान। क्योंकि चुनाव लोकतंत्र का आधार है, जो नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार देता है।
युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण
शिक्षक एवं लेखक रवि नागरा ने कहा कि शिक्षक अपने समर्पण और दृढ़ता के माध्यम से देश की सेवा करते हैं। अतः चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होना हम सभी का कर्तव्य है। युवाओं ने हमेशा सामाजिक परिवर्तन का नेतृत्व किया है और चुनावों में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदाता पंजीकरण से लेकर जमीनी स्तर पर प्रचार अभियान तक के प्रत्येक चरण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता होती है। इसलिए हम सभी को लोकतंत्र के इस उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
देशहित सोच कर मतदान करें महिलाएं
शिक्षिका कोमल अग्रवाल का कहना है कि मतदान करना बहुत जरूरी है। मतदान के जरिए हम अपना नेता चुनते हैं। इस बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके सही नेता चुनें, जो आपके हितों की रक्षा करे। उन्हें इस बात का गर्व है कि बीते कुछ समय से महिला मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इस बार के चुनाव में भी महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत अधिक ही रहेगा। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए। इस बार के चुनाव में महिलाओं को अपनी भूमिका अवश्य तय करनी चाहिए और अपने हितों की बात सरकार के समक्ष रखनी चाहिए।
राजनीति में महिलाओं का योगदान जरूरी
विजय लक्ष्मी सेतिया का कहना है कि आज के समय में महिलाओं के पास आत्मनिर्भर बनने के कई माध्यम हैं। आज महिलाओं का योगदान राजनीति के साथ ही आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं ने अपने हौसले से यह साबित कर दिया है कि वे घर ही नहीं, बल्कि सरकार भी चला सकती हैं। अधिक संख्या में चुनाव जीतकर महिलाओं का संसद में पहुंचना एक सकारात्मक बदलाव है। महिलाओं का राजनीतिक रूप से सशक्त होना काफी कारगर सिद्ध होगा।
मतदाता के पास है असीम ताकत
झंडा गांव के रमेश बिट्टू का कहना है कि देश हित के लिए अपना वोट अवश्य डालकर अपने वोट का सही इस्तेमाल भी करना चाहिए। इसमें कोई भी दो राय नहीं है कि हम एक लोकतांत्रिक देश के स्वतंत्र नागरिक है। लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत जितने भी अधिकार हम नागरिकों को मिलते हैं, उनमें सबसे बड़ा अधिकार है वोट डालने का अधिकार। इस अधिकार को पाकर हम मतदाता कहलाते हैं। वह मतदाता ही होता है जिसके पास असीम ताकत होती है कि वह चाहे तो सरकार बना भी सकता है और सरकार गिरा भी सकता है। यहां तक की स्वयं सरकार बन भी सकता है। आप अपना अमूल्य वोट सोच समझकर उसे ही दे जो देश हित में कार्य करे अपने हित के लिए नहीं।