संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रोडवेज बेड़े में बीएस-6 की 10 नई बसें आने से डिपो का बेड़ा बड़ा हो गया। अब इनकी संख्या 160 हो गई। नई बसों के आने से यात्रियों को भी काफी राहत मिली है। नई बसों में से ज्यादातर दिल्ली और पंजाब रूट पर लगाया गया है।
पिछले काफी समय से डिपो में बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबे मार्गों पर जाने के लिए बसों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में अधिकतर यात्री बसों के अभाव कारण घंटों बसों का इंतजार करते या फिर परेशान होने के बाद ट्रेन से निकल जाते थे। ये नई बसें तकनीकी रूप से अधिक सक्षम हैं और इनका इंजन कम धुआं, कम शोर और बेहतर माइलेज प्रदान करता है।
बीएस-6 माडल प्रदूषण को पुराने माडलों की तुलना में काफी कम करता है। इससे दिल्ली-एनसीआर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। यमुनानगर डिपो में परिवहन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस माह बीएस-6 तकनीक की 10 नई बसें रोडवेज बेड़े में शामिल किया गया है। डिपो की ओर से की गई मांग पर रोडवेज मुख्यालय ने इन्हें भेजा गया है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बीएस-6 इंजन वाली ये बसें कम धुआं छोड़ती हैं, जिससे शहर में फैल रहे प्रदूषण के बीच थोड़ी राहत मिलेगी। इनमें बेहतर सीटिंग, अच्छी सस्पेंशन और सुरक्षा के नए मानक शामिल हैं। रोडवेज की बसों में संख्या का इजाफा होने के कारण अब ग्रामीण रूटों पर भी फायदा होगा।
हमें 10 नई बीएस-6 बसें मिल चुकी है। इनके आने से विभाग और यात्रियों को काफी राहत मिली है। इसे लंबे मार्ग की समस्या खत्म हो जाएगी। - संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर