यमुनानगर। रोजाना घना कोहरा पड़ रहा है। ऐसे में कोहरे के बीच हादसा होने की संभावना भी बढ़ जाती है। परंतु नगर निगम द्वारा सड़कों पर लगाए गए ब्लिंकर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। शहर में कई जगह पर ब्लिंकर बंद पड़े हैं। यहां तक की सड़कों से सफेद पट्टी तक गायब है।
ऐसे में अधिकारियों के सड़क सुरक्षा के दावे कागजों तक सिमट कर रह गए हैं। रोड मार्किंग व खराब ब्लिंकर को ठीक करने का काम कोहरा पड़ने से पहले हो जाना चाहिए था लेकिन अधिकारियों ने इसके लिए कोई तैयारी नहीं की। उनकी ये लापरवाही वाहन लेकर चलने वाले चालकों पर भारी पड़ सकती है।
जानकारी के अनुसार सड़क पर ब्लिंकर का इस्तेमाल ड्राइवरों को सड़क पर आने वाली बाधाओं या खतरों के बारे में चेतावनी देने के लिए किया जाता है। ऐसे में यह सड़क सुरक्षा में खास भूमिका निभाते हैं। खास तौर पर रात के समय या खराब मौसम में ब्लिंकर लाइटों का इस्तेमाल किया जाता है। ब्लिंकर लाइटों में चमकदार एलईडी लाइट होती हैं।
किसी चौराहे, डिवाइडर के कट या फिर किसी रास्ते से पहले लगाए जाते हैं। शहर में नगर निगम द्वारा लगाए गए काफी ब्लिंकर खराब पड़े हैं।
जिसकी वजह से घने कोहरे में वाहन चालकों के साथ कोई भी हादसा हो सकता है। यहां तक की पुलिस लाइन जगाधरी में जहां पर ट्रैफिक थाना है वहां भी सड़क किनारे लगे ब्लिंकर खराब हैं।
जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर ने बताया कि कोहरे में हादसे न हो इसके लिए विभाग द्वारा शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जा रही है। वहीं जो ब्लिंकर, ट्रैफिक कंट्रोल लाइट या रोड मार्किंग के काम हैं उसके बारे में अधिकारियों को उन्हें ठीक करने के लिए कहा गया है।