यमुनानगर। जिले में लगातार बढ़ती सर्दी लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। ठंड के बढ़ते प्रकोप के बीच लकवा (पैरालिसिस) के मामले आने लगे हैं। जिला अस्पताल में 10 दिनों के भीतर लकवा के सात से आठ मरीज सामने आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है।अत्यधिक सर्दी के कारण रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे लकवा का खतरा बढ़ जाता है। लकवा होने पर शरीर का आधा हिस्सा अचानक काम करना बंद कर देता है। मरीज को बोलने में दिक्कत, हाथ-पैर में कमजोरी, चेहरे के एक हिस्से में टेढ़ापन जैसी समस्याएं दिखाई देने लगती हैं। कई मामलों में मरीज को चलने-फिरने में भी परेशानी होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है और मरीज को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। ठंड के मौसम में बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग से पीड़ित लोगों में लकवा का खतरा ज्यादा रहता है। अचानक ठंड लगना, ठंडे पानी से नहाना या देर रात तक ठंड में रहना भी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। संवाद