संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जनवादी महिला समिति का सामाजिक न्याय जत्था करनाल से चल कर शुक्रवार को को यमुनानगर पहुंचा। जिला के विश्वकर्मा धर्मशाला, आदर्श नगर, टिहरी भवन शिवपुरी, वाल्मीकि मंदिर चिट्टा रोड़ मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। जत्थे का नेतृत्व जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव उषा सरोहा, राज्य अध्यक्ष सविता, कोषाध्यक्ष अमिता, सहसचिव जरासो शर्मा ने किया।
कार्यक्रमों की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजेश्वरी ने की। उषा सरोहा ने बताया कि अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हरियाणा द्वारा संचालित सामाजिक न्याय जत्थे का उद्देश्य गीत, नाटक, नृत्य, नारे, साहित्य आदि के माध्यम से नशा खोरी, बेरोजगारी, अंधविश्वास, सामाजिक भेदभाव, रुढ़िवाद, जातिवाद व सांप्रदायिकता के खिलाफ़ जागरूकता पैदा करना है।
देश में मनुस्मृति को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने यह कहते हुए 1927 जलाया था कि यह किताब महिलाओं व दलितों को अंधेरे में रखने वाली है। उन्होंने देश को संविधान दिया जिसमें देश के सभी नागरिकों को बराबर के अधिकार मिले। इनके साथ-साथ महात्मा बुद्ध, हाली पानीपती, बुल्ले शाह, सावित्रीबाई फुले, ज्योतिबा फुले, फातिमा शेख, कैप्टन लक्ष्मी सहगल, पंडिता रमाबाई आदि ने महिलाओं के लिए ने रास्ते खोले।
जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष सविता व कोषाध्यक्ष अमिता ने कहा कि देश की आजादी के बाद आज देश की जनता के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। भयंकर बेरोजगारी, महंगाई व सामाजिक-आर्थिक गैर बराबरी अपनी चरम सीमा पर है।
राज्य सहसचिव जरासो शर्मा ने कहा कि कितने लोगों ने सत्ता से जुड़कर महिलाओं पर अत्याचार किए हैं, उन्हें बड़े पदों पर बैठा दिया गया। कार्यक्रमों में बच्चों व महिलाओं द्वारा गीत व नृत्य प्रस्तुत किए गए।
इनके माध्यम से महिलाओं के साथ होने वाले भेदभावों, नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या, अंधविश्वास आदि को उजागर किया गया। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के नेता गुलशन भारद्वाज, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता जोध सिंह, जरनैल चिनालिया, अशोक, सीटू की नेता सरबती, रोशनलाल, विनोद त्यागी आदि मौजूद रहे।