एक सप्ताह से हड़ताल पर चल रहे राइस मिलर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिले। उपमुख्यमंत्री को अपनी समस्याएं बताई। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
आश्वासन के बाद राइस मिलर्स एसोसिएशन छाबड़ा ग्रुप ने हड़ताल खत्म कर दी है। अब राइस मिलर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। प्रदेशभर के राइस मिलर बैंक गारंटी व सीमांत प्रदेशों के किसानों के अनाज को लेकर सरकार से मांग कर रहे थे। चूंकि सरकार ने सीमांत प्रदेशों का अनाज बंद कर दिया था। जिस पर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने एतराज जताते हुए हड़ताल की थी।
लगभग सप्ताह से प्रदेशभर के राइस मिलर हड़ताल पर थे। जिसके चलते राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। मंगलवार को जजबा विधायक बबली के साथ राइस मिलर्स एसोसिएशन प्रधान अमरजीत सिंह छाबड़ा, उप प्रधान प्रवीण बटार प्रताप नगर व सेक्रेटरी राजेंद्र सिंह का प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिला। उपमुख्यमंत्री ने कृषि मंत्रालय दिल्ली में बात की और आश्वासन दिलवाया की 11 से 15 अक्टूबर के बीच सीमांत किसानों के अनाज की खरीद भी शुरू कर दी जाएगी।
वहीं राइस मिलर की अन्य मांगों को भी पूरा करने का आश्वासन दिया। डिप्टी सीएम के आश्वासन के बाद प्रदेशभर के राइस मिलर्स एसोसिएशन ने हड़ताल खत्म कर दी। बुधवार को राइस मिलर का पंजीकरण शुरू हो पाया। हालांकि मंगलवार दोपहर बाद भी लगभग 15 से 18 राइस मिलरों का पंजीकरण हो गया था, बाकी अन्य मिलों का भी बुधवार से पंजीकरण शुरू हो गया। प्रधान अमरजीत सिंह छाबड़ा व वाइस प्रधान प्रवीण बटार ने बताया कि एक सप्ताह से बैंक गारंटी व सीमांत प्रदेशों से आने वाले अनाज व अन्य कई मांगों को लेकर सभी राइस मिलर हड़ताल पर थे। जिस कारण कामकाज ठप था। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ व अन्य कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि उनकी मुख्य मांगे बैंक गारंटी जो मिल मालिक से 1 प्रतिशत व ठेके पर राइस मिल चलाने वाले से 2.5 प्रतिशत गारंटी ली जाती थी। वहीं प्रदेशों से आने वाले अनाज पर पाबंदी लगा दी गई थी। इन सभी बातों को लेकर उप मुख्यमंत्री के साथ चर्चा हुई।