सात राइस मिलों में गबन का मामला सामने आने के बाद हैफेड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को बचे हुए अपने धान के खराब होने की चिंता सताने लगी है। इसलिए दोनों ही विभागों ने अदालत से मांग की है कि राइस मिलों में जो धान बचा हुआ है उसे उठवाने की इजाजत दी जाए ताकि उसे आसपास की राइस मिलों में शिफ्ट किया जा सके।
इन राइस मिलों में धान की कुटाई होने पर ही बचा हुआ चावल एफसीआई को सप्लाई किया जा सकेगा। इसे लेकर न्यायालय में सबसे पहले 26 नवंबर को सुनवाई होनी थी। परंतु तब से अब तक सुनवाई टलती जा रही है। अब इस केस में न्यायालय में आठ दिसंबर को सुनवाई होगी। जिसके बाद स्पष्ट हो जाएगा कि बचा हुआ धान कौन सी एजेंसी को मिलेगा।
राइस मिलों में बचा हुआ धान खराब न हो इसके लिए अदालत में अर्जी देकर उसे उठाने की अनुमति मांगी गई है। इस धान की दूसरी राइस मिलों में कुटाई करवाई जाएगी। ताकि समय पर चावल एफसीआई को सप्लाई करके नुकसान होने से बचा जा सके। इस पर अदालत में सोमवार को निर्णय होने की संभावना है। - उधम सिंह, डीएम, हैफेड।