संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उत्तराखंड-हिमाचल के पहाड़ी कैचमेंट एरिया में बारिश लगातार के कारण यमुना नदी 50 घंटे से खतरे के निशान पर बह रही है। हथिनी कुंड बैराज पर शाम छह बजे यमुना का जलस्तर 1,74,442 क्यूसेक दर्ज किया गया है। पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहरें बंद होने से सारा पानी बड़ी यमुना नदी में दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है। पानी का तेज बहाव होने पर 72 घंटे की बजाय 50 घंटे में दिल्ली की तरफ जा रहा है, ऐसे में वहां हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं।
जानकारी के अनुसार अमूमन यमुना शांत रहती है, लेकिन मानसून सीजन में सितंबर माह में हर साल उफान पर आ जाती है। जो तटवर्ती जिले यमुनानगर, करनाल, पानी, सोनीपत के साथ-साथ दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उधर, सिंचाई विभाग ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। चूंकि अभी तक यमुना में सामान्य स्थिति नहीं है। हाई अलर्ट के चलते कर्मचारियों को पूरी तरह से अलर्ट रहने के निर्देश हैं। हथिनी कुंड बैराज की रिपोर्ट के अनुसार सुबह से दोपहर तक पानी घटना शुरू हुआ, लेकिन शाम होते ही फिर से बाढ़ का स्तर बढ़ गया है। शाम 6 बजे बैराज पर यमुना का जलस्तर बढ़ कर 1,74,442 क्यूसेक पर पहुंच गया है।
बाढ़ के खतरे के चलते बैराज से नहरों की आपूर्ति बंद रखी गई है। बुधवार तड़के यमुना का जलस्तर एक लाख 1 लाख 83837 क्यूसेक रहा। वहीं दो व 3 बजे घटकर 1 लाख 80060 क्यूसेक रह गया। तड़के 4 बजे 1 लाख 76307 क्यूसेक, 5 बजे 1 लाख 70728 क्यूसेक, 6 बजे 1 लाख 68883 क्यूसेक पर पहुंच गया। सुबह 7 बजे 1 लाख 63994, सुबह 8 बजे 1 लाख 62779 क्यूसेक, 9 बजे बाढ़ का लेवल घटकर 1 लाख 60 359 क्यूसेक पर पहुंच गया। लेकिन पहाड़ियों पर हुई बरसात से दोपहर 4 बजे यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हुआ और 4 बजे बढ़कर 1 लाख 65211 क्यूसेक पर पहुंच गया। 5 बजे 1 लाख 71346 क्यूसेक, 6 बजे 1 लाख 74442 क्यूसेक दर्ज किया गया। ऐसे में पूरा पानी दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है।
वर्जन
हम यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। कर्मचारियों की छुट्टी बंद कर दी गई है। सभी को अलर्ट रहने के आदेश हैं। हर घंटे बैराज से जलस्तर का इनपुट लिया जा रहा है।
-रवि मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर। संवाद