यमुनानगर। पांसरा में लगे थर्मल पावर प्लांट से जिले के लोगों को बिजली भले ही न मिले, लेकिन प्लांट के पास रहने वाले लोगों को बीमारियां जरूर मिलने लगी है।
यह थर्मल पावर प्लांट आसपास के गांव में रहने वाले सैकड़ों लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। थर्मल प्लांट से उड़ने वाली राख से गांव छोटा लापरा के लोग बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। इससे गांव में सांस व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा थर्मल की सफेद राख इकट्ठा करने के लिए गांव से महज 350 मीटर की दूरी पर बना टैंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था।
ग्रामीणों के मुताबिक थर्मल पावर प्लांट की वेस्ट इकट्ठा करने के लिए कंपनी ने गांव छोटा लापरा के पास करीब तीस एकड़ से अधिक जमीन पर दो टैंक बनाए गए हैं और राख को हवा में उड़ने से बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इससे हवा चलते ही गांव राख की सफेद चादर ढक जाता है और अब राख का असर अब लोगों के स्वास्थ्य और शरीर पर दिखने लगा है।
गांव के पंच चंद्रपाल, बुद्ध प्रकाश, विनोद कुमार, उमा देवी, संतोष, मिल्ला व नीटू आदि ने कहा कि यदि जल्द ही विभागीय अधिकारियों ने टैंक से उड़ने वाली राख का ठोस समाधान नहीं किया तो गांव के लोग इकट्ठे होकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे
इस संबंध में गांव की महिला सरपंच आमना खातून ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने थर्मल पावर प्लांट के उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को बताया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों से मिलने के बाद राख पर मोटर से पानी का छिड़काव शुरू कर दिया गया। मगर पानी का यह छिड़काव राख को उड़ने से रोकने के लिए नाकाफी है।
बीमारी की चपेट में हर घर
गांव के नंबरदार शिवदयाल ने बताया कि थर्मल से उड़ने वाली राख से गांव का हर घर बीमारी की चपेट में है। उन्होंने बताया गांव में सांस, टीबी व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन बीमारियों की चपेट में हर वर्ग के लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब तेज हवा चलती है उस दिन लोग घरों में खाना तक नहीं बना पाते है।