संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। आदि बद्री बांध परियोजना के अंतर्गत वैदिक कालीन सरस्वती नदी की धरा को पुन: प्रवाहित करने का पहला कार्य शुरू हो गया है। वहीं मंगलवार को तहत रामपुर हेड़िया, रामपुर कंबोयान व छलौर के बीच 350 एकड़ पंचायती जमीन पर वाटर रिजर्व वायर (जलाशय) की खोदाई क कार्य मंगलवार को शुरू हो गया है।
सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमिच ने यह कार्य शुरू करवाया। यह कार्य आदिबद्री बांध परियोजना के तहत किया जा रहा है। किरमिच ने बताया कि बैराज की एक टेस्टिंग बाकी है। जिसकी सीएसएमआर के वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं। करीब एक माह में टेस्टिंग क्लीयर होने के बाद डैम व बैराज का कार्य भी शुरू हो जाएगा। डैम के लिए वन विभाग से एनओसी मिलना बाकी है। विभाग से अंतिम दौर की वार्ता चल रही है।
वहीं एसई अरविंद कौशिक व एक्सईएन नितिन भट्ट ने बताया कि उनका प्रयास है कि जिले की नदियों का एक बूंद भी पानी वेस्ट नहीं जाने दिया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि सभी नदियों का जल जिले के लोगों की पानी की जरूरतें पूरी करें। बेकार में बहने वाले पानी पर रोक लगा कर गिरते भूजल में सुधार किया जाएगा। इससे खेती बाड़ी से जुड़े लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
सरस्वती नदी को धरा पर उतारने का कार्य अब तेजी से हो रहा है। शीघ्र ही प्रोजेक्ट पूरा होगा। जिसके बाद सरस्वती नदी धारा पर बहेगी।