संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा-हिमाचल की सीमा पर बने टोडरपुर गांव के रकबे में बने चेकडैम का डेढ़ करोड़ रुपये से चल रहे नवीनीकरण का कार्य रुक गया। इसी प्रकार सूंकरा और पथराला नदी पर 11.70 करोड़ रुपये से बनाए जा रहे पुल भी बीच में अटक गया। तीनों ही जगहों पर बारिश के चलते कार्य रुक गया है। मानसून सीजन के बाद ही दोबारा कार्य शुरू हो पाएगा।
ये काम रुकने से ग्रामीणों को काफी नुकसान है। चेकडैम से जहां टोडरपुर के ग्रामीणों को धान के सीजन में सिंचाई करने के लिए पानी मिलना था,। वहीं सूंकरा और पथराला नदी में पानी आ जाने से दोनों छोर का रास्ता अवरूद्ध हो गया है। टोडरपुर के चेकडैम से यहां के किसानों को काफी राहत मिलेगी इससे 1900 एकड़ फसल को सिंचित करने में काफी लाभ मिलेगा। सूंकरा और पथराला नदियों के ऊपर 18.28 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इनमें 11.70 करोड़ रुपये सूंकरा और 6.58 करोड़ रुपये से पथराला नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। सूंकरा पर 115 मीटर (377 फीट) और पथराला पर 92 मीटर (300 फीट) लंबाई होगी, लेकिन चौड़ाई साढ़े सात मीटर (24.66 फीट) होगी।
दोनों पुलों में 15 किमी की दूरी है। सूंकरा और पथराला दोनों ही बरसाती नदियां हैं। साथ लगती शिवालिक की पहाड़ियों पर भारी बारिश होने पर ये उफान पर आ जाती हैं। ऐसे में कलेसर, बंजारा बांस, कांसली, मोझूबांस, बाबूराम बांस व चिकन गांवों का आपस में कट जाते हैं।
बारिश के कारण चेकडैम का कार्य रोक दिया गया है। डैम की मशीनों से गाद निकाली जा रही थी। बारिश के बाद ही दोबारा कार्य शुरू हो पाएगा। - भूपेंद्र सिंह, आईईसी विशेषज्ञ अटल भूजल योजना।
पथराला और सूंकरा नदी में बारिश का पानी आ गया है। इस पर काम रोकना पड़ा। इस पुल के निर्माण से आसपास क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा। - सुरिंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।