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कोहरे में रेंगे वाहन, ठंड से ठिठुरे लोग

Mon, 06 Jan 2014 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
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यमुनानगर में रविवार सुबह अचानक आई धुंध ने मौसम का मिजाज बदल दिया। धुंध इतनी घनी थी कि जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए, तो धुंध के चलते कई ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से पहुंचीं।
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रविवार की सुबह सीजन की सबसे ठंडी सुबह साबित हुई। हर कोई ठंड से ठिठुरता दिखा। कोहरे और शीतलहर से एकाएक सिहरन बढ़ गई। रात के समय मौसम साफ था, लेकिन सुबह जैसे ही लोग नींद से जागे तो चारों तरफ घने कोहरे की चादर छाई हुई थी।


पिछले दो-तीन दिनों से घने कोहरे से निजात मिल रही थी, लेकिन रविवार को मौसम का मिजाज फिर से बदल गया। सुबह से ही घना कोहरा चारों तरफ छाया हुआ था। कोहरे के कारण हाईवे हो या फिर अन्य रोड सभी पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई।
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दिन में भी वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। कोहरा अधिक होने से दोपहर करीब एक बजे ही लोगों को धूप के दर्शन हुए। इसके साथ ही ठंडी हवाओं ने भी धूप में भी सर्दी के एहसास को कम नहीं होने दिया।

दिन में भी लोग अलाव के आगे बैठकर ठिठुरन को कम करते नजर आए। दोपहर बाद शाम को फिर गिरते पारे ने शरीर में सुन्न की स्थिति पैदा कर दी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल कुछ दिनों तक कोहरे और ठंड की ऐसी ही संभावना है।

शीतलहर से घरों में दुबके लोग
रविवार को धुंध के साथ-साथ शीतलहर दिनभर चलती रही। शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकाें को हुई।

एक तो धुंध और ऊपर से शीतलहर ने उनकी दिक्कत को बढ़ा दिया। हाड़ कंपा देने वाली इस सर्दी में बाइक सवार कांपते दिखे। दुकानदार सुबह से शाम तक दुकानों के बाहर अलाव जलाकर बैठे रहे। कड़कड़ाती ठंड में अलाव ही लोगों के लिए सहारा बना है।

चौक पर सिग्नल ही नहीं दिखाई दिए
सुबह के समय कोहरा इतना घना था कि वाहन चालकों को शहर के विभिन्न चौकों पर लगी सिग्नल लाइट भी दिखाई नहीं दे रही थी। सिग्नल लाइट दिखाई न देने पर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को रास्ता दिखाया।

इसके साथ ही जिन चौकों पर पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं थे और न ही सिग्नल लाइट थी, वहां पर वाहन चालकों को चौक नजर ही नहीं आया और वे मुड़ने की बजाय आगे निकल गए।

रेलवे स्टेशन पर ठिठुरते रहे यात्री
धुंध की चपेट में यमुनानगर ही नहीं बल्कि अन्य जिले और राज्य भी हैं। इसके चलते ज्यादातर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे लेट स्टेशन पर पहुंचे। इससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच घंटों प्लेटफार्म पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।

स्टेशन पर बुजुर्ग और बच्चे ठंड से कांपते दिखे। कई बुजुर्ग स्टेशन पर ठंड से बचने के लिए दुबके बैठे रहे। अमृतसर निवासी सुरजीत कौर ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदारी में यमुनानगर आई थी, वापस जाने के लिए जनसेवा एक्सप्रेस का टिकट कटवाया था। ट्रेन का समय 12.15 बजे का था, जिससे वे 12 बजे ही स्टेशन पर पहुंच गए।

टिकट लेने के बाद पता चला कि ट्रेन एक घंटा लेट है। उनका कहना है कि एक घंटे से शीतलहर के बीच ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां से ट्रेन लेट मिलेगी तो आगे भी घर जाने में दिक्कत होगी।

वहीं, आजाद नगर निवासी यमन का कहना है कि स्कूल की छुट्टियां चल रही है इसलिए सोचा था कि चलो चंडीगढ़ घूम आएं। उन्होंने लखनऊ-चंडीगढ़ ट्रेन की टिकट ली है, लेकिन ट्रेन डेढ़ घंटा लेट है।
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ये ट्रेनें हुई लेट
नाम                        इतने घंटे लेट
12331 हिमगिरी एक्सप्रेस        13 घंटे लेट
15011 लखनऊ-चंडीगढ़        एक घंटा लेट
52010 जनसेवा एक्सप्रेस        एक घंटा लेट
14712 श्रीनगर एक्सप्रेस        सवा घंटा लेट
12054 अमृतसर हरिद्वार        सवा घंटे लेट
12588 अमरनाथ एक्सप्रेस        दो घंटे लेट
54506 अंबाला दिल्ली पैसेजेंर        डेढ़ घंटे लेट
54541 मेरठ सिटी अंबाला        दो घंटे लेट
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