संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ईएसआई अस्पताल जगाधरी में मरीजों के वार्ड में चूहे घूम रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि रात के समय वार्डों में चूहों की वजह से न तो सो पाते हैं और न ही अपना सामान खुले में रख पाते हैं। चूहे न केवल वार्डों में उछलकूद करते हैं, बल्कि मरीजों की दवाइयां, चप्पल और अन्य सामान भी उठा ले जाते हैं।
इसके अलावा अस्पताल में पंखों की कमी के कारण भी मरीज भीषण गर्मी में परेशान हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त पंखे उपलब्ध नहीं हैं। कई वार्डों में गर्मी से राहत देने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अपने घरों से पंखे लाने पड़ रहे हैं। गर्म मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है। अस्पताल प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
लाजपत नगर के रामकुमार ने बताया कि उसके पेट में दर्द होने लगा था। वह तीन दिन से अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल में पंखों की कोई सुविधा नहीं है। जो पंखे लगे हैं उनकी हवा नहीं लगती। इसलिए अपने घर से फर्राटा पंखा लेकर आया था, तब जाकर मुश्किल से अस्पताल में समय बिताया है। जिन ट्रालियों में दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान रखा जाता है, उनमें भी चूहों की बीट (मिंगन) दिखाई देती है। ऐसे में मरीज न तो उन ट्रालियों में अपनी दवाइयां रखना चाहते हैं और न ही अन्य जरूरी सामान। इससे अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा है।
वार्डों के पास रखे जाने वाले कूड़ेदानों के आसपास चूहों ने अपने बिल बना रखे हैं। दिन और रात दोनों समय चूहे वहां सक्रिय रहते हैं। प्रोफेसर कॉलोनी के रमेश दत्त ने बताया कि ईएसआई अस्पताल में मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है। उसकी पत्नी अस्पताल में दाखिल रही। सुबह दवा देने के बाद पूरा दिन कोई मरीज को देखने नहीं आता। सफाई न होने से शौचालयों का बुरा हाल है।
स्टाफ नर्स सारा दिन अपने कमरे में बैठी रहती हैं। वह थोड़ी देर के लिए अस्पताल से सामान लेने चला गया था। पीछे से पत्नी शौचालय जाते समय बेड के पास गिर गई, लेकिन अस्पताल का कोई स्टाफ उसे उठाने के लिए नहीं आया। वह खुद घर से आया तब जाकर पत्नी को फर्श से उठाया। यहां रात में कोई स्वीपर नहीं है। उसने अपनी पत्नी का मल खुद साफ किया।
ईएसआई अस्पताल गर्मी से बचाव के लिए पंखे क्यों नहीं है, इसके बारे में एमएस से पूछताछ की जाएगी। अस्पताल में सफाई का अभाव है या चूहे क्यों आ रहे हैं तो इसका भी पता किया जाएगा। -विश्वनाथ, एसडीएम, जगाधरी।
ईएसआई अस्पताल में बेड के पास अपना पंखा लगाकर आराम करते रामकुमार। संवाद- फोटो : Archive
ईएसआई अस्पताल में बेड के पास अपना पंखा लगाकर आराम करते रामकुमार। संवाद- फोटो : Archive