संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में कूड़े का संकट बढ़ता जा रहा है। नगर निगम की ओर से हड़ताल के बीच कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जा रही है लेकिन इसके बावजूद कॉलोनियों और सड़कों के किनारे करीब 700 मीट्रिक टन कूड़ा जमा है। ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व भी शहरवासियों को कूड़े के ढेर के बीच मनाना पड़ेगा।
बारिश के कारण कूड़ा उठाने का काम भी प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार पूरी तरह सफाई होने में अभी दो से तीन दिन लग सकते हैं। जिन स्थानों से कूड़ा उठाया जा चुका है, वहां भी दोबारा कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। कूड़े के आसपास बारिश का पानी जमा होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
उधर, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर पालिका और फायर कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को 22वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद नगर निगम से रेलवे स्टेशन तक रोष प्रदर्शन किया गया।
कर्मचारियों ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। धरने में नगरपालिका शाखा प्रधान पपला और अग्निशमन जिला प्रधान विजेंद्र सिंह संयुक्त रूप से मौजूद रहे। पालिका शाखा सचिव सुभाष और अग्निशमन जिला सचिव रिंकू कुमार ने कहा कि सरकार उनकी मांगें पूरी करने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।
धरने को अग्निशमन राज्य मुख्य संगठनकर्ता संतोष कुमार, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह, सचिव सोमनाथ, ब्लॉक सचिव जरनैल सिंह चिनालिया और किसान सभा के वरिष्ठ उपप्रधान राजवीर पिंडोरा ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार 13 मई को कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू करने से पीछे हट रही है।
30 के बाद अनिश्चितकालीन का फैसला
कर्मचारी नेताओं संजीत, संजय, रमन, कांता, अनीता, जीतो, ललित कुमार, हरमिंदर सिंह, वीरेंद्र धीमान, अमित कुमार, जगविंदर सिंह, प्रिंस कुमार और अनिल कुमार ने बताया कि राज्य कमेटी ने हड़ताल को 30 अगस्त तक जारी रखने का निर्णय लिया है। यदि तब तक मांगों के संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं किए गए तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने पर विचार किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इसके लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
शहर में रोष मार्च निकालते दमकल व सफाई कर्मचारी। संवाद