संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। डीसी के आदेश के बाद भी सड़क से नीचे मैदान वाले राजकीय विद्यालयों में जलभराव की समस्या से निपटने के बंदोबस्त नहीं किए। जिसके चलते सोमवार को दिनभर हुई बारिश से यह समस्या और ज्यादा विकट बन गई। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पानी भर गया।
सबसे ज्यादा समस्या छछरौली खंड में देखने को मिली। वहीं यमुना में आई बाढ़ के चलते इन विद्यालयों में संकट मंडराने लगा है। ऐसे में विभाग ने छछरौली, प्रतापनगर व यमुना से सटे क्षेत्रों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। पिछले महीने डीसी ने बैठक इसी समस्या को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सड़क से नीचे मैदान वाले स्कूलों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट बनाई जाए।
जिन स्कूलों के मैदान सड़क से नीचे हैं, वहां मिट्टी भरवा कर जमीन समतल की। इस पर काम नहीं हो पाया। वहीं सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण जिले के तमाम स्कूलों में पानी भरने की समस्या देखने को मिली। कई गांवों के स्कूलों में पानी कमरों तक मार गया। इससे सोमवार को विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति न के बराबर रही।
बारिश से छछरौली, प्रतापनगर, सरस्वतीनगर, व्यासपुर, साढौरा के विद्यालयों में सबसे ज्यादा समस्या देखने को मिली। कोट कलसिया, बलाचौर, दामोपुरा कलां, खदरी, अरइयावाला सहित कई गांवों के स्कूलों में पानी भरा। सोमवार को इक्का-दुक्का विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। वहीं, जर्जर भवन वाले स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई। इसके अलावा छछरौली, प्रतापनगर के अधिकांश गांवों के स्कूलों में पानी भरने से परेशानी रही।
नदियों के किनारे गांवों के स्कूलों में दो दिन छुट्टी : मौसम विभाग ने दो दिन बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, यमुना का जलस्तर साढ़े तीन लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। इस पर जिला प्रशासन ने बाढ़ घोषित कर दिया है। डीसी के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से छछरौली, प्रतापनगर सहित यमुना व अन्य बरसाती नदियों के पास बसे गांवों के सरकारी व निजी स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है। वहीं जर्जर भवन वाले स्कूलों में भी अवकाश के आदेश दिए हैं। यमुना सहित अन्य बरसाती नदियों के समीप 200 से ज्यादा गांव बसे हैं।