अब तक भीषण गर्मी से लोग बेहाल थे। शनिवार को मौसम ने करवट बदली और बारिश के साथ आंधी भी चली। बारिश से जहां लोगों को प्रचंड गर्मी से राहत मिली, वहीं आंधी से जगह-जगह पेड़ गिर गए, साथ ही बिजली के खंभे भी टूट गए। कई जगह बिजली के तार टूट गए।
इससे ट्विनसिटी की बिजली सप्लाई ठप पड़ गई। सड़क पर पेड़ और टहनियां गिरने से यातायात व्यवस्था ठप हो गई। पूरे यमुनानगर सर्कल में 388 फीडर हैं। बिजली निगम अधिकारियों के मुताबिक आंधी आने के बाद तार टूटने और खंभे गिरने से करीब 200 फीडर बंद करने पड़े।
ग्रामीण क्षेत्र के फीडरों में रात भर बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो पाई थी। दोपहर 12 बजे तक तापमान करीब 43 डिग्री पर था, जो आंधी के बाद घटकर 39 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि बारिश थोड़ी देर ही हुई, लेकिन भीषण गर्मी से बेहाल लोगों ने इससे काफी राहत महसूस की। शाम को हवा न चलने से उमस बनी रही।
गोबिंदपुरी सब पावर स्टेशन के यार्ड पर विशाल सफेदे का पेड़ गिरने से यमुनानगर के विभिन्न इलाकाें में कई घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही। वहीं बिजली निगम को 10 लाख से अधिक का नुकसान हुआ। दोपहर करीब एक बजे यार्ड के बाहर सड़क किनारे लगा पेड़ यार्ड की दीवार को तोड़ता हुआ बिजली के तार पर आ गिरा।
इससे गोबिंदपुरी सब पावर स्टेशन से फीडरों की सप्लाई बंद हो गई। गोबिंदपुरी सब पावर स्टेशन से आधे से अधिक यमुनानगर शहर को बिजली सप्लाई होती है। पेड़ गिरने के बाद मॉडल टाउन, प्रोफेसर कॉलोनी, बैंक कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में बिजली सप्लाई बंद हो गई। जिस समय पेड़ गिरा, उस समय गोबिंदपुरी सब पावर स्टेशन पर जोड़िया से बिजली की सप्लाई आ रही थी।
इसके बाद इंजीनियरों ने करीब दो बजे सब पावर स्टेशन को आने वाले बिजली की सप्लाई खेड़ा पावर हाउस से जोड़ दी लेकिन शहर में जगह-जगह बिजली के तार पर पेड़ गिरने से बिजली सप्लाई बंद रखनी पड़ी। शाम करीब सात बजे तक कुछ इलाकों में बिजली सप्लाई शुरू हो पाई। उधर, तार पर पेड़ गिरने से पेपर मिल और चांदपुर सब पावर स्टेशन से भी कई घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही।
बड़ा हादसा बचा
सरोजनी कॉलोनी के पास नेशनल हाईवे 73 के ऊपर से 11 केवी के तार गुजर रहे हैं। तेज आंधी आने के बाद तार पर एक पेड़ आ गिरा। तार नेशनल हाईवे से एक ऊंचे खंभे से होकर गुजर रहे थे। गनीमत रही कि पेड़ गिरने से तार लटक गए। तार टूटा नहीं वरना हाईवे से गुजर रहे वाहन इसकी चपेट में आ जाते। तार नेशनल हाईवे के ऊपर काफी नीचे तक तक लटक गए।
तार को देखकर वाहन चालकों ने अपने-अपने वाहन रोक दिए। कुछ देर में बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बिजली सप्लाई बंद करवाई और लकड़ी के डंडे से तार को ऊपर किया। तार झुकने के बाद वाहनों का आवागमन डायवर्ट कर दिया गया। इस दौरान करीब पांच घंटे तक भारी वाहन शहर के बीच से होकर गुजरते रहे। उधर, कुरुक्षेत्र-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर दामला के नजदीक सड़क पर पेड़ गिरने से करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।