किसानों को गन्ने का भुगतान करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सरस्वती मिल को सौ करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। हालांकि मिल प्रशासन अपने संसाधनों से किसानों को गन्ने का भुगतान कर रहा है। मिल की ओर से अब तक किसानों को करीब 285 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। वहीं करीब 140 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना बाकी है।
शुगर मिल की ओर से फिलहाल उन किसानों को गन्ने का भुगतान किया जा रहा है, जिन्होंने 14 मार्च तक मिल में गन्ना डाला था। कुल 140 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए मिल सरकार की ओर से मिलने वाले 100 करोड़ पर निर्भर है। यह रकम आने पर ही मिल किसानों का पूरा भुगतान कर पाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा इस रकम की अदायगी की मंजूरी दे दी गई है, लेकिन बैंक की कार्यवाही में समय लग रहा है। यदि यह रकम मिलने में देरी होती है तो 30 जून तक सभी किसानों को गन्ने का भुगतान हो पाना संभव नहीं है। बता दें कि सरस्वती शुगर मिल से यमुनानगर के अलावा अंबाला और कुरुक्षेत्र के करीब 40 हजार किसान जुड़े हैं।
मई में की थी घोषणा
इस सीजन में सरस्वती शुगर मिल में एक करोड़ 42 लाख 39 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। मिल की ओर से किसानों को करीब 230 करोड़ रुपये का भुगतान पूर्व में किया गया था। इसके बाद मिल ने खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए किसानों का भुगतान बंद कर दिया था।
भुगतान के लिए मिल प्रशासन ने प्रदेश सरकार से वित्तीय मदद मांगी थी। सरकार की ओर से इस पर फैसला लेने में काफी वक्त लगा दिया गया। मई के दूसरे सप्ताह में प्रदेश सरकार ने कुछ शर्तों पर मिल को सौ करोड़ रुपये की वित्तीय मदद लोन के रूप में देने की पेशकश की थी लेकिन अभी तक मिल को यह रकम नहीं मिल पाई है।
प्रदेश सरकार ने मिल को सौ करोड़ रुपये देने की मंजूरी दे दी है, लेकिन बैंक की कार्यवाही पूरी न होने के कारण अभी तक रकम नहीं मिल पाई है। उम्मीद है कि जल्द ही यह रकम मिल जाएगी। सौ करोड़ मिलने के बाद सभी किसानों का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
डीपी सिंह, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, सरस्वती शुगर मिल।