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बरसात के पानी में साइकिल सवार बहा, लोगों ने मानव चेन बनाकर 500 मीटर दूर निकाला

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प्रोफेसर कॉलोनी में बरसात के बाद गलियों जमा पानी। - फोटो : YAMUNA NAGAR
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शहर में गली और सड़कों पर खुले सीवर के मेनहोल और गड्ढे बरसात में खतरनाक हो गए हैं। शुक्रवार को जसवंत कॉलोनी में तेज बारिश के दौरान एक साइकिल सवार खुले सीवर में गिर गया और तेज बहाव में बह गया। खुद को डूबता देख उसने शोर मचा दिया, जिस पर आसपास मौजूद युवाओं ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। जिस पर लोगों ने पांच सौ मीटर दूर मानव चेन बनाकर बहते पानी में खड़े हो गए। कुछ समय बाद वह बहता हुआ आया तो लोगों ने उसे बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। व्यक्ति को तुरंत बाईपास स्थित प्रदीप अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर से पानी निकाला।
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अस्पताल में करीब एक घंटे बाद होश आने पर उसने अपना नाम सतीश कुमार बताया। 55 वर्षीय सतीश ने बताया कि वह शिव पुरी का रहने वाला है और इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक कंपनी में काम करता है। सुबह करीब नौ बजे वह कंपनी में जाने के लिए अपनी साइकिल पर सवार होकर घर से निकला था। जब वह जसवंत कॉलोनी में पहुंचा तो अचानक उसकी साइकिल खुले सीवर में गिर गई और पानी के तेज बहाव में बहने लगा। उसके बाद उसकी आंख खुली तो अपने आप को अस्पताल में पाया। होश में आने पर उसने अपने घरवालों को जानकारी दी। दोपहर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
बरतें सावधानी
गली या सड़क पर पानी भरा है तो पैदल निकलते समय लकड़ी साथ रखें और लकड़ी को आगे रखते हुए चले। ताकि गड्ढा या खुले सीवर का पता चल सकें। वाहन निकालते समय धीरे चलें और गड्ढे में फंसने पर गाड़ी बंद करके मदद लें। बरसात से पहले अपनी गली, मोहल्ले या आसपास की सड़कों पर गड्ढे दिखाई दें तो उसमें लकड़ी के डंडे या कोई अन्य बड़ी वस्तु रखें ताकि राहगीरों को गड्ढे के बारे में पता चल सकें। नगर निगम के अधिकारियों को गड्ढे और खुले सीवर के बारे में सूचित भी करें।
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कई दिन तक भरा रहता है पानी
तीन दिन की बारिश ने ही नाला सफाई की पोल खोल दी है। शहर में सड़कें और गलियां तलैया बनने लगी हैं। तय है कि मानसून में शहर फिर से जलमग्न होगा। इससे भी बड़ी परेशानी यह है कि खुले सीवर के मेनहोल और गड्ढे बरसात में बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। नगर निगम का इस ओर ध्यान नहीं है। बारिश में शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं है, जहां पानी नहीं भरता हो। निचले इलाकों में कई दिन तक जलभराव रहता है। गलियों में कई फुट तक पानी होता है। इस कारण खुले मेनहोल और गड्ढों को पता नहीं चलता है। इससे हादसे होते हैं। कॉलोनियों की सड़कों के साथ मुख्य मार्गों का भी बुरा हाल है।
घरों में पहुंच रहा है पानी
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी शम्मी मोहन कपूर ने कहा कि यह सब सरकार व अधिकारियों के कारण हो रहा है। अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार के नुमाइदों ने सभी लोगों को परेशानी में डाल दिया है। प्रोफेसर कॉलोनी के पीछे से जगाधरी का नाला निकल रहा है। बरसात में यह नाला ओवरफ्लो हो जाता है, जिस कारण गलियों में पानी जाम हो जाता है। यहां पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस जाता है। इस बारे में मेयर व विधायक को भी पता है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाएं जा रहे।
मेयर मदन चौहान ने कहा कि व्यक्ति के पानी में डूबने की जानकारी मेरे पास नहीं है। यह बड़ी चिंताजनक बात है। गलियों के गड्ढे और खुले सीवर को तुरंत प्रभाव से बंद करवाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इस बारे में निर्देश दे दिए गए हैं।
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