संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी शहर के बरसाती पानी से यमुनानगर में होने वाले जलभराव क समाधान के लिए शुरू की गई स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना रेलवे के महज पांच फीसदी काम के कारण वर्षों से अधर में लटकी हुई है। करीब तीन महीने इस काम को पूरा होने में लगेंगे। इससे शहर की दर्जनों कॉलोनियों पर जलभराव का खतरा इस बार भी बरकरार रहेगा।
नगर निगम परियोजना का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर चुका है। गुलाब नगर के पास रेलवे लाइन के नीचे स्टॉर्म वाटर पाइप डालने का काम रेलवे ने अब शुरू किया है, जो इस बार भी मानसून से पहले पूरा नहीं हो पाएगा। अमरुत योजना के तहत बरसाती पानी की निकासी के लिए 24 फरवरी 2019 को तत्कालीन यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने की इस योजना पर शुरुआत में 9.15 करोड़ रुपये खर्च होने थे और लक्ष्य 15 अगस्त 2019 तक कार्य पूरा करने का था। हालांकि शुरुआती छह महीने तक एजेंसी ने काम शुरू ही नहीं किया, जिससे परियोजना शुरुआत में ही देरी का शिकार हो गई।
समय बीतने के साथ लागत बढ़कर 11.84 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि रेलवे को दी गई करीब पौने पांच करोड़ रुपये की राशि इसके अतिरिक्त है।योजना के तहत 900 एमएम से लेकर 1800 एमएम व्यास तक के बड़े पाइप बिछाए गए हैं। करीब 100 मेनहोल बनाए जा चुके हैं तथा 196 स्थानों से बरसाती और गंदे पानी को इस लाइन में जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
परियोजना का अधिकांश हिस्सा पूरा होने के बाद कार्य रेलवे बाइपास के पास आकर रुक गया। पहले निजी भूमि से जुड़े विवाद के कारण काम प्रभावित हुआ। बाद में यह मामला सुलझ गया, लेकिन रेलवे ने बिना एनओसी अपनी लाइन के नीचे पाइप डालने से इंकार कर दिया। नियमों के अनुसार रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने का कार्य रेलवे विभाग को ही करना था।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार रेलवे की मांग पर निर्धारित राशि पहले ही जमा करा दी गई थी। इसके बावजूद साढ़े पांच वर्ष बीत जाने के बाद रेलवे ने पाइप डालने का काम शुरू किया है। इस बीच परियोजना में जोगिंद्र नगर की ओर से आने वाले नाले को भी स्टॉर्म वाटर ड्रेन से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
योजना के पूरी होने के बाद जगाधरी की ओर से आने वाले बड़े नाले का पानी कन्हैया साहिब चौक यमुनानगर से डायवर्ट होकर सीधे जम्मू कॉलोनी स्थित डिच ड्रेन तक पहुंचेगा, जिससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या में काफी कमी आएगी।
जलभराव से जूझेंगे लोग
फिलहाल योजना अधूरी रहने का सबसे अधिक असर सरोजनी कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन, शक्ति नगर, टैगोर गार्डन, जसवंत कॉलोनी, श्याम नगर, मॉडर्न कॉलोनी, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, चांदपुर, जम्मू कॉलोनी, कैंप एरिया, कृष्णा कॉलोनी, हरिनगर, विष्णु नगर और बैंक कॉलोनी सहित अनेक क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इन इलाकों का बरसाती पानी बड़े नालों में पहुंचकर ओवरफ्लो की स्थिति पैदा करता है, जिससे हर मानसून में लोगों को जलभराव और नुकसान का सामना करना पड़ता है।
रेलवे ने पाइप निकालने का काम शुरू करने में बहुत देरी कर दी। काम तो शुरू हो गया गया है। पूरा होने में तीन माह का समय लगेगा। काम पूरा हो जाता तो जलभराव का खतरा खत्म हो जाता। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी।