संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/साढौरा। सीएम फ्लाइंग व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने वीरवार को शहर में गाबा अस्पताल के नजदीक स्थित एक निजी स्टोर पर दबिश दी। जांच के दौरान कुछ सामान एक्सपायरी डेट का मिला। इसी तरह फल व सब्जी गली हुई मिली।
टीम ने यहां पर सामक व कुट्टू के आटे की जांच की। जांच के दौरान सामक व कुट्टू का आटा कुछ दिन पहले ही पैकिंग हुआ मिला। वहीं जो सामान एक्सपायरी डेट का था, उसे सील करके टीम अपने साथ लेकर गई। यह सारी कार्रवाई सीएम फ्लाइंग के एसआई सुखविंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई। टीम में एफएसओ डाॅ. अमित चौहान, मोहित गौतम, संजीव सैनी, एएसआई जनकराज, रविंद्र, एचसी प्रवीण भी मौजूद रहे। टीम ने यहां से कुछ खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा।
इसके बाद सीएम फ्लाइंग की टीम ने गांव फाजलपुर में रसगुल्ला बनाने के कारखाने पर पहुंची। एसआई सुखविंद्र सिंह के नेतृत्व गठित टीम को यहां गंदी जगह पर रसगुल्ले बनते मिले। यहीं नहीं तैयार किए गए रसगुल्लों एवं गुलाब जामुन पर भी मरी हुई मक्खियां व गंदगी मिली। टीम रसगुल्लों और गुलाब जामुन के सैंपल लिए।
मौके पर तीन क्विंटल रसगुल्ले ड्रमों व टबों में और तीन क्विंटल गुलाब जामुन खुले में रखे मिले। इनके सैंपल लेने के लिए एफएसओ डाॅ. अमित चौहान की टीम को मौके पर बुलाया गया। एसआई सुखविंद्र सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर इस कारखाने पर दबिश दी गई। सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
दबिश के दौरान कारखाने का मालिक मध्य प्रदेश का रहने वाला लल्लास मौके पर ही मौजूद मिला। उसने बताया कि वह कई माह से गांव फाजलपुर में किराए के मकान में रहकर रसगुल्ले बनाने का काम कर रहा है। इन रसगुल्लों एवं गुलाब जामुन को आसपास के कस्बा व देहात में हलवाई की दुकानों पर सप्लाई करता है। वह चीनी, घी व दूध से यह रसगुल्ले तैयार करता है। मौके से चीनी, घी व दूध बरामद ही नहीं हुआ। इससे आशंका है कि यहां किसी अन्य पदार्थों से रसगुल्ले तैयार किए जाते होंगे।