संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। ताजेवाला क्षेत्र में पंचायती जमीन पर अवैध रूप से जमा किए गए पत्थरों के बड़े स्टॉक को लेकर बुधवार को सीएम उड़नदस्ते और विजिलेंस विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारा। अचानक हुई कार्रवाई से खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी मात्रा में पत्थरों का स्टॉक मिलने के बाद टीम ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ताजेवाला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पंचायती जमीन पर अवैध रूप से पत्थर जमा किए जाने और खनन गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों का आरोप था कि अवैध रूप से निकाले गए पत्थरों को इकट्ठा कर सिंचाई विभाग के बाढ़ राहत कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतों के आधार पर बुधवार को सीएम उड़नदस्ते और विजिलेंस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को जमीन पर बड़े स्तर पर पत्थरों का स्टॉक मिला। टीम ने मौके की वीडियोग्राफी करवाई और अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि जिस स्थान पर पत्थरों का स्टॉक मिला है वह पंचायत की जमीन है या निजी मलकीयत। इसी को लेकर राजस्व विभाग के पटवारी को मौके पर बुलाया गया और जमीन की पैमाइश शुरू करवाई गई।
सीएम उड़नदस्ते के इंचार्ज राजेश कुमार ने बताया कि जमीन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर बीडीपीओ कार्तिक चौहान, पंचायत अधिकारी विकास कुमार, विजिलेंस विभाग से एसडीओ नवीन रंगा, पटवारी मनोज कुमार, ग्राम सचिव जसवीर खटाना और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।