यमुनानगर। वेब विकास के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल से कोड लिखने, तकनीकी त्रुटियां दूर करने और वेबसाइटों की जांच करने जैसे काम आसान हो रहे हैं। तिलक राज चड्ढा प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (टीआईएमटी) में बीसीए और एमसीए के विद्यार्थियों को वेब विकास और एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
संस्थान में अतिथि व्याख्यान में ट्रिगवेंट सॉल्यूशन के सॉफ्टवेयर अभियंता उमेश ने विद्यार्थियों को वेबसाइट निर्माण की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने अमेजन, फ्लिपकार्ट और यूट्यूब जैसी वेबसाइटों का उदाहरण देते हुए बताया कि इनके विकास में वेबसाइट के अग्रभाग, पश्चभाग और आंकड़ों को सुरक्षित रखने वाली डाटाबेस प्रणाली की अहम भूमिका होती है।
वेबसाइट का अग्रभाग उपयोगकर्ताओं को दिखाई देने वाला हिस्सा होता है, जबकि पश्चभाग में आंकड़ों के प्रबंधन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का काम होता है। संस्थान निदेशिका प्रोफेसर डॉ. शैली गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने के लिए इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।