मनरेगा मजदूर महिला ने मजूदरी में धांधली, अवैध उगाही करने व विरोध करने पर मारपीट करने की शिकायत सीएम विंडो पर दी है। सीएम विंडो से पहले महिला ने इसकी शिकायत पुलिस को भी दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला थाना बिलासपुर का है। महिला कार्रवाई व न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।
कस्बा बिलासपुर की रहने वाली बाला देवी ने दी शिकायत में बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से मनरेगा के अंतर्गत बताया कि खंड में सरस्वती नदी की सफाई व किनारे पेड़ लगाने का काम करवाया जा रहा है। वह भी मनरेगा के तहत मजदूरी करती है। महिला ने शिकायत में कहा कि मनरेगा मजदूरों को दिहाड़ी दिलवाने व बिना काम के हाजिरी लगाने के नाम पर सौ रुपये लिए जाते हैं। बाला देवी ने आरोप लगाया कि एबीपीओ की ओर से एक विशाल नाम के युवक को अवैध रूप से रखा हुआ है। विशाल हर मजदूर से उनकी दिहाड़ी दिलवाने के लिए सौ रुपये लेता है। वहीं कुछ लोग काम नहीं भी करते, लेकिन उनकी हाजिरी लगाई जा रही है। यह सभी काम विशाल द्वारा किए जाते हैं। बाला देवी ने शिकायत में कहा कि उसने विशाल को रुपये देने से इंकार कर दिया और इसकी शिकायत करने की बात कही। बाला देवी के अनुसार वह काम खत्म कर घर लौट रही तो विशाल एक युवक के साथ बाइक पर पहुंच गया। विशाल ने उसे रास्ते में उस पर हमला कर दिया। मारपीट कर उसने उसका पर्स और मोबाइल छीन लिया। पर्स में तीन हजार रुपये थे। वहीं आरोपी ने उसका चश्मा तोड़ दिया। मारपीट व लूट की शिकायत उसने पुलिस को दी। लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते उसकी शिकायत नहीं ली गई। जब वह दोबारा थाने पहुंची तो जुल्फकार नाम के पुलिस कर्मी ने उससे अभद्र व्यवहार किया। उसके हाथ पर डंडा मारा और धक्के देकर बाहर निकाल दिया। बाला देवी ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत एसपी और सीएम विंडो पर दी है। उनसे आरोपियों पर कार्रवाई कर मजदूरों का धन लूटने से बचाने की मांग की है।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पिछले दिनों वे स्वतंत्रता दिवस समारोह में व्यस्त थे। उनके पास अभी शिकायत नहीं आई है। यदि ऐसा मामला है तो पीड़िता उनसे मिलकर शिकायत दे सकती है। पुलिस कर्मी द्वारा अभद्र व्यवहार व महिला को डंडा मारने की वे जांच करेंगे। जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
आशीष चौधरी, डीएसपी, बिलासपुर।