संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुना नदी के साथ लगते गांवों में अगले साल भूमि कटाव से बाढ़ की मार झेलनी नहीं पड़ेगी। बाकायदा इसके लिए सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया है। अब बस उस पर मुख्यमंत्री की मुहर लगाना बाकी है।
दरअसल जहां-जहां इस बार बाढ़ के पानी से भूमि कटाव हुआ है, वहां पर कंक्रीट के स्टड बनाए जाएंगे। जिन जगहों पर बनाए जाने हैं उन साइटों को चिन्हित कर लिया गया है। बताया जा रहा है 200 से अधिक साइटें हैं। इतना ही नहीं जहां पर सीसी के स्टड हैं उन्हें भी तोड़ कर दोबारा से नये तरीके से कंक्रीट के साथ बनाया जाएगा।
इस बार बाढ़ के पानी से टापू कमालपुर गांव में भूमि कटाव हुआ था। यहां खड़े वन विभाग के 150 से अधिक पेड़ भूमि कटाव के कारण पानी में बह गए थे। हालांकि इस दौरान सिंचाई विभाग ने कट्टों का सहारा लेकर भूमि कटाव को रोक दिया था। लेकिन इस भूमि कटाव से सबक लेते हुए विभाग ने अब यहां स्थाई तौर पर कंक्रीट से स्टड बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा छछरौली में अवैध खनन को रोकने के लिए बेलगढ़ पटरी पर कंक्रीट ब्लॉक बनाए जाएंगे।
इस बार बाढ़ से जहां-जहां भूमि कटाव हुआ है वहां पर कंक्रीट से स्टड बनाने की योजना है। इस प्रपोजल को मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। इसके बाद बजट को तैयार कर स्टड बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। वहीं स्टड बनने से बाढ़ के पानी से काफी राहत मिलेगी। इसके चलते ग्रामीणों को चिंता करने की आवश्यकता होगी। - संदीप कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।