संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम चुनाव का परिणाम आने के बाद ही आदर्श आचार संहिता खत्म हो जाएगी। आचार संहिता समाप्त होने के बाद नगर निगम की फिर संपत्ति कर के बकायेदारों की संपत्तियां सील करने की तैयारी कर ली है। इससे पहले नगर निगम ने 20 बकायेदारों की संपत्ति सील की थी।
नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत संपत्ति कर है, जिसे शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। बड़ी संख्या में बकायेदार करोड़ों रुपये का संपत्ति कर दबाए बैठे हैं। नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशों पर कुछ माह पहले पांच लाख व एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत अंतिम नोटिस जारी किए गए थे।
नोटिस जारी करने के बाद जनवरी व फरवरी माह में निगम ने लगभग 20 से अधिक बकायेदारों की संपत्तियां सील की थी। इस दौरान कुछ संपत्तिधारकों ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया। दो माह में निगम में लगभग चार करोड़ रुपये संपत्ति कर जमा हुआ। लेकिन अभी भी काफी बकायेदार ऐसे हैं, जो प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं।
इनमें नामी औद्योगिक इकाइयों से लेकर संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान सहित रिहायशी मकान शामिल हैं। इन पर संपत्ति कर की एक से दस लाख या अधिक राशि बकाया है। निगम ने इनकी सूची तैयार करने के साथ इन्हें सील करने की तैयारी शुरू कर दी है। सीलिंग कार्रवाई के लिए नगर निगम एरिया को दो जोन में बांट कर टीमों का गठन किया गया है।