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बिल्डर ने बिल जमा नहीं किया तो बिजली निगम ने काटा जय सिटी के ट्यूबवेल का कनेक्शन, सवा दो सौ परिवार प्यासे

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डीसी को शिकायत देने पहुंचे जय सिटी के निवासी। - फोटो : YAMUNA NAGAR
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यूएचबीवीएन ने छह लाख रुपये का बिल बकाया होने पर मंगलवार को सेक्टर-24 की जयसिटी सोसायटी के ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन काट दिया। अचानक बिजली कटने से सुबह मोटर नहीं चली और घरों में पानी नहीं पहुंचा। जिससे सोसायटी में रहने वाले करीब सवा दो सौ परिवार की परेशानी बढ़ गई। पेयजल के साथ-साथ नहाने के लिए भी पानी नहीं मिला। बच्चों को जहां बिना नहाएं स्कूल जाना पड़ा। वहीं कामकाजी नागरिक भी इसी तरह ऑफिस पहुंचे। गुस्साएं लोग रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के पास पहुंचे और अपनी व्यथा सुनाई। दोपहर को आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी लघु सचिवालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर डीसी से गुहार लगाई।
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निवासियों का आरोप है कि इंटरेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी यानि आईएफएमएस के करीब एक करोड़ रुपये बिल्डर ने उनसे ले रखे हैं, लेकिन फिर भी बिल नहीं भरा। जिसके चलते यहां रहने वाले लोग प्यासे हैं। शाम को काफी संख्या में लोग बिजली निगम के एसई कार्यालय भी पहुंचे और अधिकारियों से कनेक्शन जोड़ने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने बकाया बिल भरने को कहा। जिस पर लोगों ने कहा कि वे खुद बिल भर देंगे। तब जाकर बिजली निगम के अधिकारी कनेक्शन जोड़ने को राजी हुए।
प्यासे हैं जय सिटीवासी : पाबनी रोड स्थित जयसिटी सोसायटी में करीब सवा दो सौ परिवार रहते हैं। सोसायटी पर अप्रैल 2018 से अब तक बिजली निगम का करीब छह लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। कई बार नोटिस के बाद भी बिल नहीं जमा होने पर पेयजल की मोटर के लिए दिए गए बिजली के कनेक्शन को काट दिया गया। इसके चलते लोगों को काफी मशक्कत करनी सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्ग लोगों को हो रही है। लोगों ने बाहर से बोतल बंद पानी मंगाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। वहीं स्ट्रीट लाइट का भी करीब 11 लाख रुपये का बिल बकाया है, लेकिन निगम ने अभी स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन को नहीं काटा है।
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बिल्डर ने नहीं जमा कराए 16 करोड़ रुपये की ईडीसी : आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट मांगेराम पंवार का कहना है कि जब लोगों ने जयसिटी में मकान खरीदे थे, तब बिल्डर ने बिजली, पानी, सड़क, पार्क और सिक्योरिटी आदि मूलभूत सुविधाएं देने की बात कही थी। अब सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से सारी सेवाएं देनी बंद कर दी गई है। हमें पता चला है कि बिल्डर ने करीब 16 करोड़ रुपये की ईडीसी भी सरकार के पास जमा नहीं करवाई है। आईएफएमएस के भी करीब एक करोड़ रुपये बिल्डर के पास ही हैं। इस धनराशि को लेकर बिल्डर और उसके कारिंदे लापता है। फोन पर भी संपर्क नहीं हो रहा है। जब तक यह सोसायटी हुडा या नगर निगम के हैंडओवर नहीं की जाती, तब तक सारी मूलभूत सुविधाएं देनी बिल्डर की जिम्मेदारी है। बिल्डर और बिजली निगम के खिलाफ डीसी को शिकायत भेजी है। अगर समाधान नहीं होता है तो लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
मेंटेनेंस का काम देख रही कंपनी के अधिकारी भी अपने कार्यालय में नहीं आ रहे हैं। यहां कि निवासियों से एडवांस में ही सर्विस प्रोवाइडर ने इंटरेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी यानि आईएफएमएस जमा करवा रखी है। इसके बावजूद बिजली का बिल नहीं भरा गया।
- नितिन वालिया, रेजिडेंट
बिल्डर को सभी रेजिडेंट समय से बिल दे रहे हैं। इसमें यहां रहने वाले लोगों का कोई कसूर नहीं है। इस मामले की शिकायत डीसी के अलावा सीएम को भी भेजी जाएगी।
- चंद्रशेखर, रेजिडेंट
यहां लाइट, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं है। यह बिल्डर की खुली गुंडागर्दी है। प्रशासन बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं और यहां रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएं।
- संजय भारद्वाज, रेजिडेंट
हम लोग बिजली का बिल और मेंटेनेंस समय से जमा कर रहे हैं। इसके बाद भी हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सब बिल्डर की लापरवाही है।
- गुरमेल सिंह संधू, रेजिडेंट
सोसायटी में कोई आने जाने वालों पर रोकटोक नहीं है। यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। आए दिन बवाल होता है। हम सोसायटी में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं।
- अवतार सिंह, रेजिडेंट
जयसिटी सोसायटी का एक साल से बिल बकाया है। कई बार नोटिस भी दिया गया, लेकिन बिल जमा नहीं करवाया गया। इसलिए कनेक्शन काटा गया था। लोगों ने खुद बिल जमा कराने की बात कही है। जनहित को देखते हुए कनेक्शन जोड़ दिया है।
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-योगराज, एसई, बिजली निगम
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