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कर्मचारी ने किया इनकार तो ग्रामीणों ने खुद की सीवर की सफाई

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गांव कलेसरा में सीवरेज की सफाई के लिए अंदर जाता ग्रामीण। - फोटो : YAMUNA NAGAR
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कर्मचारियों द्वारा सफाई से इंकार करने के बाद गांव कलेसरा के लोगों ने स्वयं ही सफाई का जिम्मा उठाते हुए मंगलवार को इसकी शुरुआत कर दी। ग्रामीणों ने मिलकर गांव के जाम सीवर साफ कर चालू कर दिया। वहीं गंदगी से अटी पड़ी नालियां साफ कर निकासी का पूरा प्रबंधन किया है। इस दौरान गांव के चोक सीवर चालू करने के लिए ग्रामीण इसके अंदर उतरे और इसे पूरी तरह साफ कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायत सदस्यों से कहा कि अब गांव में सफाई कर्मचारी की जरूरत नहीं है। वे अपने गांव को स्वच्छ बनाने के लिए सक्षम है और हर ग्रामीण अपने अपने स्तर पर इसकी जिम्मेदारी निभाएगा। लोगों ने सफाई कर्मचारी हटाने की बीडीपीओ से भी मांग की गई है।
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गांव कलेसरा निवासी निर्मल सिंह, जसवंत सिंह, पालाराम, सुखदेव, फुल्लुराम, जसविंद्र, काला आदि सीवर के गड्ढ़ों में उतर कर इसकी सफाई की। ग्रामीणों ने बताया कि सफाई कर्मचारी ने गांव में सफाई करने से इनकार कर दिया है। जिसके बाद गांव के लोगों ने संयुक्त रूप से फैसला लिया कि वह खुद गांव की गलियों व नालियों की सफाई स्वयं करेंगे। वे ही अपने गांव के सीवर साफ कर गांव को स्वच्छ बनाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि सफाई कर्मचारी हटाने के लिए गांव की पंचायत ने प्रस्ताव पास किया है। वहीं बीडीपीओ को शिकायत देकर सफाई कर्मचारी को हटाने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव दौलतपुर व कलेसरा की संयुक्त पंचायत है। पंचायत की ओर से लगाया गया कर्मचारी ठीक प्रकार से अपना कार्य नहीं कर रहा है। जिस कारण गांव में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। ग्रामीणों के द्वारा शिकायत करने के बावजूद सफाई कर्मचारी सफाई करने से साफ मना कर देता है। सफाई कर्मचारी गांव में सफाई करने की बजाय अपने निजी कार्य करता रहता है। गर्मी व बारिश के दिनों में समस्या बढ़ जाती है। गंदगी के कारण गांव में बीमारियां फैल रही हैं। जिसके लिए ग्रामीणों ने अपने गांव की सफाई स्वयं करने का निर्णय लिया है।
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