यमुनानगर। इस मौसम में मच्छरों का प्रकोप अधिक होने के कारण मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि फैलने की आशंका बनी रहती है। इस संबंध में जिला सचिवालय में शुक्रवार को डीसी पार्थ गुप्ता ने जिला स्तरीय मलेरिया कार्यसमिति की बैठक ली।
जिसमें यह निर्णय लिया गया कि कोई भी प्राइवेट अस्पताल मलेरिया जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा नहीं ले सकेगा। अधिक फीस वसूलने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर निगम क्षेत्र में सभी वार्डों में फॉगिंग कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग दवा उपलब्ध कराएगा।
नगर निगम को अपने स्तर पर फॉगिंग करवानी होगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में पंचायतों को गांव में फॉगिंग करान की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी और डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने डीसी को डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही तैयारियों व गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों व घरों में सप्ताह में एक दिन ड्राई डे जरूर मनाया जाए। इस दौरान घरों में रखे फ्रिज के पीछे लगी पानी की ट्रे को खाली जरूर करें।
यदि किसी पुराने बर्तन में पानी जमा है तो उसे भी खाली कर धूप में सूखने के लिए रख दें। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिक्षकों को निर्देश दे कि स्कूल में आने वाले बच्चों को अपने शरीर को ढक कर रखने की सलाह दें। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे बारिश में मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतें।
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच नि:शुल्क की जाती है।
दस मौके पर एडीसी नवीन आहूजा, एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह गिल, एसडीएम छछरौली रोहित कुमार, एसडीएम रादौर नरेंद्र कुमार, रेडक्रॉस सचिव रणदीप सिंह, डीएमसी कुलदीप मलिक, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विपिन गोंदवाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।