संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पॉपुलर की लकड़ी इस साल साल में पहली बार 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। इसी तरह सफेदा की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है। इसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि लकड़ी की आवक में कमी आना है। इसका सीधा असर जिले की प्लाईवुड इंडस्ट्री पर पड़ा है।
फैक्टरियों को प्लाईबोर्ड व अन्य सामान तैयार करने के लिए पर्याप्त लकड़ी नहीं मिल रही। दोनों लक्कड़ मंडियों में अब रोजाना औसतन 400 से 450 ट्राली लकड़ी की पहुंच रही हैं। पर्याप्त कच्चा माल न होने से प्लाईवुड फैक्टरियों में उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक कम होने लगा है। जिले में प्लाईवुड की 300 से अधिक यूनिट हैं।
इसके अलावा 400 से अधिक पिलिंग व सॉ मिल हैं। इन यूनियों में रोजाना 7000 क्यूबिक मीटर प्लाई का उत्पादन होता है। मानकपुर व मंडौली लक्कड़ मंडियों में पहले रोजाना पॉपुलर व सफेदा की 800 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां आती थी। अब मंडियों में लकड़ी की आवक कम होने का ही असर है कि इस बार पॉपुलर 1700 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया। हालांकि चार-पांच दिन से कीमत 100 रुपये कम होकर 1600 रुपये पर पहुंच गई हैं।
वहीं सफेदा 1100 से 1250 रुपये बिक रहा है। मंडियों में 75 प्रतिशत लकड़ी उत्तर प्रदेश से आती है। बाकी लकड़ी हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा हिमाचल प्रदेश व पंजाब से भी आती है। लकड़ी की कटाई करने वाले ज्यादातर मजदूर मुस्लिम समुदाय से हैं। दो मार्च से रमजान माह शुरू हुआ है।
रोजा रखने के कारण समुदाय के लोग एक माह तक लकड़ी की कटाई नहीं करते।अब खेतों में गेहूं की फसल लहलहा रही है। खेतों की ढोल पर जो पॉपुलर या सफेदा लगा है उसकी कटाई नहीं की जा सकती। क्योंकि पेड़ काटने से गेहूं की फसल को नुकसान होता है। इसलिए केवल उन्हीं की कटाई हो रही है जिनमें सारे खेतों में पेड़ खड़े हैं। मानकपुर लक्कड़ मंडी में तो 70 से 100 ट्राली ही आ रही हैं।
लगातार घट रही आवक के कारण पॉपुलर की कीमतों में उछाल आना स्वभाविक है। अब पॉपुलर की लकड़ी वैरायटी के हिसाब से न्यूनतम 1350 रुपये व अधिकतम 1600 रुपये क्विंटल तक बिक रही है। अप्रैल महीने में गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी। वहीं रमजान माह भी पूरा हो जाएगा। इसलिए मंडियों में लकड़ी की आवक तेजी से बढ़ जाएगी। इसलिए आवक बढ़ने से कीमतों में भी कमी देखने को मिलेगी।
मार्च में ऐसा ही रहेगा : बलदेव पंवार
लक्कड़ मंडी एसोसिएशन के प्रधान बलदेव पंवार का कहना है कि इस बार पॉपुलर 1700 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया था। अब इसमें 100 रुपये की कमी आई है। खेतों में गेहूं की फसल खड़ी होने से पॉपुलर, सफेदा की कटाई नहीं हो पाती, इसलिए आवक घट जाती है। मार्च महीना ऐसा ही रहेगा। अप्रैल से लकड़ी की आवक में तेजी आएगी।
उत्पादन पर पड़ रहा असर : बिहानी
प्लाईवुड फैक्टरी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जेके बिहानी ने बताया कि लकड़ी का रेट काफी बढ़ गया है। जबकि प्लाई का रेट वही है। दूसरा लकड़ी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती। इसलिए उत्पादन पर तो असर पड़ता ही है। उम्मीद है आने वाले दिनों में कच्चा माल ज्यादा मिलेगा।