संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पेट्रोल-डीजल, खाद्य पदार्थों और दैनिक जरूरत की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे लोगों को अब घरेलू गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने का एक और बड़ा झटका दिया है। लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
नई दरों के अनुसार 14 किलो का घरेलू गैस सिलिंडर अब 942 रुपये में मिल रहा है, जबकि 19 किलो का व्यावसायिक सिलिंडर 3192 रुपये का हो गया है। व्यावसायिक सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद होटल और रेस्तरां में मिलने वाला भोजन भी 20 से 30 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है। वहीं, पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ने से ऑटोरिक्शा, टैक्सी, निजी वाहन पर चलना महंगा हो गया है। इसका असर होम डिलीवरी वालों पर ज्यादा पड़ रहा है। ऑनलाइन डिलीवरी करने वालों का खर्च करीब डेढ़ गुना हो गया है।
लोगों का कहना है कि पहले ही सब्जियां, खाद्य तेल, दालें और अन्य जरूरी सामान महंगे हो चुके हैं। ऐसे में गैस सिलिंडर के बढ़े दामों ने घरेलू खर्चों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टर्स ने माल भाड़ दस से 15 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। इसका असर सभी वस्तुओं पर पड़ रहा है। इससे खाद्य पदार्थों में तेल सबसे अधिक महंगा हुआ है।
आटा, दाल, चावल और मसालों की लगातार बढ़ती कीमतों ने निम्न और मध्यम आय वर्ग की परेशानियां बढ़ा दी हैं। लोगों ने बताया कि आटा और चावल गरीब परिवारों का मुख्य भोजन हैं, लेकिन उनकी कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरसों तेल, रिफाइंड और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुओं के दाम भी दो महीनों में काफी बढ़ गए हैं। इससे हर महीने का राशन बजट बिगड़ गया है।
दशमेश कॉलोनी निवासी ममता ने बताया कि सिलिंडर की कीमत बढ़ने से घर का मासिक बजट गड़बड़ा गया है। पहले ही सब्जियां और राशन महंगा था, अब गैस भी महंगी हो गई है। इसका असर मध्यम वर्गीय परिवारों पर ज्यादा पड़ा है। बच्चों का दूध तक महंगा हो गया है।
पूर्व पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि गैस सिलिंडर हर घर की जरूरत है। इसके दाम बढ़ने से लोग महंगाई के बोझ तले दब गए हैं। पहले ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर वस्तु की कीमत बढ़ गई है। कई वस्तुएं लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। निम्न परिवारों का जीना मुहाल हो गया है।
बूड़िया निवासी अनीता खुल्लर ने कहा कि अब सबसे ज्यादा रसोई महंगी हो गई है। रसोई गैस के साथ तेल, आटा और दाल भी महंगे हो गए हैं। इसका असर सभी परिवारों पर पड़ रहा है। बढ़ती कीमतों ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है। अब घर चलाना बहुत मुश्किल हो गया है।
शहरवासी निशांत ने बताया कि पेट्रोल के दाम बढ़ने का असर सभी पर पड़ा है। इससे जेब हल्की हुई और आना-जाना महंगा हो गया है। पहले पेट्रोल की कीमत 92 से 95 रुपये तक थी, लेकिन अब 105 रुपये तक पहुंच गई है। इससे लोगों का ऑफिस जाना तक महंगा हो गया है।
ममता।- फोटो : मोनिका कुमारी
ममता।- फोटो : मोनिका कुमारी
ममता।- फोटो : मोनिका कुमारी
ममता।- फोटो : मोनिका कुमारी