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Yamuna Nagar News: अभिभावकों पर स्टेशनरी खरीदने का दबाव

Tue, 01 Apr 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। निजी स्कूलों में केवल निजी प्रकाशकों की पुस्तकें ही नहीं लगाई जा रही है। विद्यार्थियों की स्टेशनरी सहित बैग तक स्कूलों की ओर से निर्धारित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों की नोटबुक, डायरी, ड्राइंग, वर्कबुक सभी पर स्कूल का नाम या विशेष कंपनी का नाम अंकित है। अमूमन बाजार में मिलने वाली 20 रुपये की नोट बुक इन दुकानों पर 80 रुपये तक मिल रही है। इन सभी में स्कूलों की कमीशन है।
यही नहीं कुछ पुस्तक विक्रेताओं के पास पहुंचने पर अभिभावकों को दूसरी दुकान पर भेजा जा रहा है। जहां उन्हें बच्चों के स्टाइलिश बैग सहित अन्य पठन सामग्री भी बेची जा रही है। मजबूरी में अभिभावकाें को यह खरीदनी पड़ रही है। पब्लिक स्कूल में लगने वाली 50 से 60 पन्नों की डायरी की कीमत 200 रुपये तक है। वहीं, पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को लगाई गई निजी प्रकाशकों की किताबों की कीमत 5000 से 7000 रुपये है। वहीं, छोटी कक्षाओं में विशेष वर्कबुक वाली पुस्तकें लगाई जा रही हैं।
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यह पुस्तकें इसलिए लगाई जा रही हैं चूंकि इसका प्रयोग दोबारा नहीं हो पाएगा। वर्कबुक बच्चा काम करके समाप्त कर देता है। ऐसे में अभिभावकों को दोबारा नई किताबें खरीदनी पड़ रही है। शहर निवासी मोनिका ने बताया कि उनके बच्चे निजी स्कूल में पढ़ते हैं। बड़ा बेटा दूसरी और बेटी पहली कक्षा में है।
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बेटे के लिए पिछले साल नई किताबें खरीदी थी। परंतु अब वह किताबें बेटी के काम नहीं आ रही हैं। स्कूल ने किताबें बदल दी हैं। जिस कारण दोनों बच्चों की नई किताबें लेनी पड़ी हैं। दोनों बच्चों की किताबें 14000 रुपये की आई हैं। अब स्कूल अपने कमीशन के चक्कर में स्टेशनरी भी चिह्नित दुकान से खरीदने का दवाब बना रहा है।
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