संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के 60 गांव ऐसे, जहां पर हरियाणा रोडवेज बस नहीं पहुंच रही। इसका पता मुख्यालय भेजी विभागीय रिपोर्ट से चला है। ये गांव बस सर्विस से महरूम क्यों रहे, विभाग ने इसमें यात्रियों की संख्या कम व सड़क तंग होने का तर्क दिया है, जबकि 574 गांव में सुविधा दिए जाने का दावा है।
गत दिनों परिवहन मंत्री अनिज विज ने राज्य के सभी गांवों में रोडवेज बसों की सुविधा मिले इसके निर्देश महाप्रबंधकों को दिए हैं। इस पर विभाग ने अपनी सूची को तैयार कर मुख्यालय भेजी है। यमुनानगर रोडवेज डिपो में वर्तमान में 149 बसें हैं जिनमें से रोजाना 132 ऑनरुट रहती हैं। बावजूद इसके यहां बसों की संख्या कम है।
वहीं विभाग के अनुसार वर्तमान में चल रही बसों के लंबे नौ और लोकल 46 रूट हैं। जिनसे विभाग को रोजाना 13 से 14 लाख रुपये का राजस्व होता है। लेकिन, सरकार के ऐलान के बाद अब बकाया इन 60 गांवों में बस सर्विस देना चुनौती रहेगा।
फकीर माजरा, शाहबुदिन पुर, सिपियों वाला, जांटा वाला, डाकवाला, कोट मुकारबपुर, बनसतौर व ताहरपुर कला में यात्रियों की संख्या कम होने का कारण दिया गया। भूड़ माजरा, कोहली वाला डोई वाला, डान्डी पुर, बल्लेवाला, कन्हैया वाला, मुजैहद वाला, शाहजंहापुर, रगड माजरा, शेखू माजरा, माली माजरा, हसनपुर, लाहोरी वाला, लाक्कड, बिचपडी, दडवा व मनभर वाला गांवों में सड़क तंग होने का कारण दिया गया।
छारी, पलाका, कलेसरा, डोली, भगवान गढ़, रपडी, रोडी, दौलरा, भीलपुर व घेसपुर में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण दिया गया। इसी प्रकार, छालापुर, हबीबपुर, नाईवाला, यारा, ताहरी, शेरगढ़, सनौर, रूलाहेडी, गौलनी, सुलतानपुर, मीर मीरजापुर, पानीवाला, माजरी, ककरौनी, दरियापुर, हैबतपुर व जुड्डा जादान में भी यात्रियों की संख्या कम होने व सड़क तंग होने के कारण दिया गया है।
रोडवेज की बस करीब 60 गांव में नहीं जा रही हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेज दी है। आदेश आने के बाद ही विचार किया जाएगा। इन गांवों में बसें क्यों नहीं जा पाई, इसका भी सूची में हवाला दे दिया गया है। - रविशंकर धीमान, चीफ इंस्पेक्टर, रोडवेज डिपो यमुनानगर।