यमुनानगर। हर साल जिले में डेंगू के सैंकड़ों केस मिलते हैं। इस बार भी डेंगू व मलेरिया के खात्मे को लेकर नीचे से ऊपर तक योजनाएं बनाई जा रही हैं। तैयारी तो जोर-शोर से चल रही है, लेकिन मलेरिया विभाग के पास पर्याप्त संख्या में कर्मचारी ही नहीं है। जिले में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडब्ल्यू) और मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर (एमपीएचएस) पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया पर कैसे शिकंजा कसेगा। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के साथ लोगों को इनसे बचाव के लिए खुद भी सतर्क रहना पड़ेगा।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास एमपीएचडब्ल्यू के कुल 123 पद स्वीकृत हैं। परंतु इनमें से 101 पद खाली हैं। इसी तरह एमपीएचएस के 24 में से 20 पद खाली हैं। एमपीएचएस में केवल चार कर्मचारी ही बचे हैं। ऐसा नहीं है कि जिले में इन पदों को कभी भरा ही नहीं गया। तीन-चार साल पहले तक यह सभी पद भरे हुए थे।
एमपीएचडब्ल्यू व एमपीएचएस के ज्यादातर पदों पर रोहतक, भिवानी, सिरसा समेत अन्य जिलों के कर्मचारी भर्ती हुए थे। परंतु नेताओं व उच्चाधिकारियों की दखलअंदाजी जिले में स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ गई। जो कर्मचारी यहां काम कर रहे थे वह नेताओं व आला अधिकारियों की सिफारिशें लगवा कर अपने-अपने गृह जिलों में वापस लौट गए। मुख्यालय से इनकी ट्रांसफर तो हो गई, लेकिन खामियाजा जिले के लोग भुगत रहे हैं।
एमपीएचडब्ल्यू फील्ड में रह कर डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए कार्य करते हैं। यहां तक की लोगों को जागरूक करना, चेकिंग व तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ने समेत अन्य कार्य इन्हीं को करना होता है। एमपीएचएस द्वारा एमपीएचडब्ल्यू के कार्य की निगरानी की जाती है। 2024 में जिले में डेंगू के 189 केस मिले थे। इससे पहले 2023 में 735 केस, 2022 में 932 केस मिले थे। इस साल डेंगू के दो केस कंफर्म हो चुके हैं। मलेरिया के मामलों में राहत की बात यह है कि तीन साल से एक-एक केस ही मिल रहा है। मार्च माह में अब तक 1974 लोगों के सैंपल डेंगू की जांच को लिए जा चुके हैं। वहीं 3937 घरों में लारवा की जांच की जा चुकी है। इनमें से पांच जगह लारवा मिलने पर नोटिस थमाया गया है।
रेगुलर पदों पर सरकार भर्ती करती है : सुशीला सैनी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि जिले में एमपीएचडब्ल्यू के 101 व एमपीएचएस के 20 पद खाली हैं। इन पदों के रिक्त होने बारे मुख्यालय को अवगत कराया हुआ है। यह रेगुलर पद हैं। रेगुलर पदों पर सरकार ही भर्ती कर सकती है।
यमुनानगर में नौ साल में डेंगू व मलेरिया के केस:
साल डेंगू मलेरिया
2016 65 508
2017 70 266
2018 42 97
2019 51 21
2020 36 03
2021 241 04
2022 932 01
2023 735 01
2024 189 01