यमुनानगर। लघु सचिवालय में 13 सितंबर को हुई स्वास्थ्य विभाग की डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। यह अधिकारी न तो खुद बैठक में पहुंचे और न ही उन्होंने अपनी जगह किसी दूसरे अधिकारी या स्टाफ को बैठक में भेजा। ऐसे अधिकारियों को अब नोटिस भेजने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी की तरफ से डीसी कैप्टन मनोज कुमार को पत्र लिखा गया है। ताकि वह अधिकारियों से बैठक में न पहुंचने का स्पष्टीकरण मांग सके। ऐसा करने से भविष्य में होने वाली बैठकों को लेकर अधिकारी सचेत रहेंगे।
डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक उस दिन डीसी कैप्टन मनोज कुमार को लेनी थी। चुनाव ड्यूटी में व्यस्तता के चलते वह बैठक में नहीं पहुंच पाए थे। इसलिए डीसी ने जिला परिषद के सीईओ विरेंद्र सिंह ढुल को बैठक की अध्यक्षता करने के लिए कहा था। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने पीपीटी के माध्यम से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस बैठक का उद्देश्य बारिश के दिनों में डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाना, इन बीमारियों को लेकर बरती जाने वाली सावधानी, डेंगू मच्छर के लारवा को खत्म करना और फॉगिंग कराने जैसे विषयों पर चर्चा करनी थी लेकिन आधा दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारियों ने इस बैठक से दूरी बना ली थी।
10 से 22 हो चुकी है डेंगू मरीजों की संख्या
13 सितंबर को जब लघु सचिवालय में डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी, तब जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या केवल 10 थी। जबकि अब यह संख्या बढ़कर 22 पर पहुंच चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी डेंगू व मलेरिया को लेकर संजीदा नहीं है। सभी विभागों को सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस दिन सभी विभागों में गमलों, कूलर व फ्रिज के पीछे लगी पानी की ट्रे को खाली करना है। ताकि उसमें मच्छर का लारवा न पनप सके। परंतु ज्यादातर विभागों के अधिकारी इसका भी पालन नहीं कर रहे।
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डीसी को पत्र लिखा है: सुशीला सैनी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक में कई विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। यह गंभीर मामला है। इन अधिकारियों से बैठक में नहीं आने का कारण पूछा जा सके इसके लिए डीसी को पत्र लिख दिया है।