यमुनानगर। ठेकेदार से मिलकर बिजली निगम में फर्जी बिलों के जरिये 12 करोड़ रुपये के गबन के मामले में अभी तक जितने भी आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, वे सभी न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं।
अब सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में बिजली निगम के एक जेई को सरकारी गवाह बनाने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस इस बात से साफ इन्कार कर रही, लेकिन गवाह के बनने के बाद बिजली निगम के घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे ही कई अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। पुलिस ने अभी तक इस घोटाले में आठ हजार बिल, ऑडिट रिपोर्ट, एसएमबी (स्मैल मैनजेरमेंट बुक) और उससे संबंधित दस्तावेजों को जब्त किए हैं। इसके अलावा 12 करोड़ रुपये के घोटाले में दस्तावेजों पर जिन एसडीओ और जेई के साइन मिले हैं, उन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा।
उल्लेखनीय है थाना शहर यमुनानगर में बिजली निगम के एक्सईएन पवन नरूला ने फर्जीवाड़ा का केस दर्ज कराया था। शिकायत में उन्होंने कहा था कि ससौली रोड स्थित एसबी रोड लाइन फर्म के पास बिजली निगम के कार्यों का ठेका था। वर्ष 2021-22 व 2022-23 के रिकार्ड की जांच करने पर सामने आया कि एसबी रोडलाइन ने डिवीजन के कार्यालय में पेमेंट के लिए फर्जी बिल जमा किए हैं।
कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी। लगभग दो करोड़ रुपये का गबन हुआ है। बिजली निगम ने ऑडिट कराया तो यह 12 करोड़ रुपये का घोटाला निकला। पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी अब तक तत्कालीन एक्सईएन कुलवंत सिंह, बिलिंग क्लर्क राजबीर सिंह लाइनमैन, बलवीर व फर्म के कर्मचारी संजीव, हेड क्लर्क कुंवर बहादुर सिंह, क्लर्क कम लाइनमैन अशोक कुमार और प्रवीण कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है।