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छंटनी पर नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

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pradarsan - फोटो : Yamuna Nagar
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नगरपालिका, परिषदों व निगम में ऑउटसोर्सिंग नीति पार्ट वन व टू में लगे कर्मचारियों की छटनी के विरोध में कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नगरपालिका कर्मचारी संघ ने इसके विरोध में आंदोलन करने की चेतावनी दी। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने कहा कि सरकार ने छटनी पर रोक नहीं लगाई। छटनी कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस नहीं लिया और मानी गई मांगे लागू नहीं की तो 23 सितंबर को रोहतक में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की राज्यस्तरीय कंवेंशन कर हड़ताल की घोषणा की जाएगी। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला वरिष्ठ उपप्रधान राजकुमार ससोली ने की तथा मंच संचालन शाखा सचिव प्रवेश परोचा ने किया। नगरपालिका कर्मचारी संघ शाखा प्रधान विक्की पारचा, सर्वकर्मचारी संघ जिला प्रधान महिपाल सोढ़े, जिला सचिव राजपाल सांगवान, वरिष्ठ नेता महिपाल चमरोडी, अग्निशमन सेवा चीफ ऑर्गनाइजर जरनैल सिंह चनालिया, मीडिया प्रभारी गुलशन भारद्वाज ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में 4015 क्लर्कों की भर्ती की गई है। जिसमें से 544 क्लर्क पालिका, परिषदों व नगर निगमों में भेजे गए हैं। 544 क्लर्कों की ज्वाइंनिंग के बाद पानीपत में 10, रोहतक में 36, घरोंडा में दो क्लर्कों को नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि नवनियुक्त क्लर्कों की ज्वाइंनिंग के बाद लगभग 600 ठेका प्रथा में लगे क्लर्कों की छंटनी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रफल व आबादी एवं कार्य के अनुपात में नए पद सृजित किए जाए तो क्लर्कों की छटनी टाली जा सकती है। लेकिन सरकार ठेका प्रथा में लगे क्लर्कों की छटनी टालने की बजाए नौकरी से हटाने पर अड़ी है।
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उन्होंने ने कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा छटनी बर्दाश्त नहीं करेगा। संघ ने इस छंटनी के विरोध स्वरूप 16 सितंबर को ही सरकार को आंदोलन का नोटिस भेज दिया है। महासचिव मांगेराम तिगरा ने आरोप लगाया कि विभाग के मंत्री द्वारा किए वायदे के बावजूद विभाग ने पालिकाओं, परिषदों व निगमों के कर्मचारियों पर सभी पत्र समान रूप से लागू नहीं किए गए, छटनी किए कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लिया और तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों की भांति विभागीय रोल पर करने समान काम-समान वेतन देने, 4 हजार रुपये जोखिम भत्ता देने, कोरोना से मौत होने पर मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये विशेष आर्थिक सहायता राशि देने का वादा पूरा नहीं किया है। जिसे लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। इस दौरान उपप्रधान जनकराज, सह-सचिव बलदीप तुंबी, रमन पपला, अग्निशमन से वीरेंद्र धीमान, रविंद्र कुमार, प्रिंस शर्मा, जगविंद्र, रोहताश, श्रीकांत, मुकेश, श्रीचंद सहित अन्य उपस्थित रहे।
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