नागरिक संशोधन बिल को लेकर जहां चौतरफा विरोध किया जा रहा है। इसके खिलाफ प्रदर्शनकारी आगजनी व पत्थरबाजी को अंजाम दे रहे हैं। वहीं कुछ संगठन इसके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। लघु सचिवालय में भी ऐसा देखने को मिला। एक तरफ संगठनों ने बिल की खिलाफत करते हुए विद्यार्थियों पर लाठियां भांजने व पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। वहीं इसके बिल को सही ठहराते हुए संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
श्रीमानव सेवा समिति ट्रस्ट ने सिटीजनशीप अमेंडमेंट एक्ट का समर्थन किया और लघुसचिवालय पहुंच कर कानून का विरोध करने वालों को भी खुली चुनौती दी। इस दौरान लोग हाथों में तिरंगा लहराते हुए दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने डीएसपी आशीष चौधरी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इस कानून के समर्थन में आए लोगों का कहना है कि ये कानून नागरिकता देने का कानून है, लेकिन कुछ देश विरोधी तत्व इस कानून का गलत प्रचार कर देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि जो भी व्यक्ति इस हिंसा में समिल्लित हैं भगवान उन्हें सद्बुद्धि प्रदान करें। जिससे वे देश को अथवा देश के नागरिकों या देश की संपत्ति को नुकसान ना पहुंचाएं। अधिकतर देशवासी नागरिकता संशोधन कानून का पूर जोर समर्थन करते है, लेकिन मुट्ठी भर लोग समाज में माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि भविष्य में भी इस कानून को लागू रहने दिया जाए। उन्होंने मांग की कि जो लोग अपनी राजनितिक रोटियां सेंकते हुए देश में दंगा-फसाद करके अराजकता का माहौल पैदा कर रहे है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट उनके ऐसे घिनौने कार्य की कठोर निंदा करता है। उन्होंने कहा कि जो पुलिस कर्मचारी देश में हो रहे दंगो में गंभीर रूप से घायल हुए वे उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते है। मौके पर प्रधान जय प्रकाश, मनोज कुमार, नगर पार्षद राम आसरे, जयंत स्वामी, आदित्य रोहिला, दीपक पंडित, शत्रुघ्न, गणेश यादव व विजय बहादुर मौजूद रहे।
पिछले दिनों एनआरसी बिल को लेकर जिस तरह से जेएनयू, जामिया व देश-प्रदेश की अन्य यूनिवर्सिटीस में छात्रों ने विरोध किया था। उनके ऊपर सरकार के अधिकारियों द्वारा किए गए लाठी चार्ज को लेकर नेहरु पार्क के बाहर एनएसयूआई कांग्रेस छात्र संगठन ने प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने शांतिपूर्वक तरीके से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि देश में नागरिक अगर आवाज उठाते है तो उन पर लाठी चार्ज किया जा रहा है। यह सरेआम लोकतंत्र की हत्या है। संगठन इसको बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत एक लोकतांत्रिक देश हैं, जिसमें सभी को अपनी आवाज उठाने का हक है। आज जिस तरह से देश में बिल का विरोध हो रहा है, सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपिल की कि इस तरह से छात्रों पर लाठीचार्ज ना करके, उनकी मांगों को सुना जाए। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अंकुश दहिया ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और सरकार से मांग की कि इस देश में कोई भी ऐसा कानून पास नहीं किया जाए, जिससे देश का माहौल खराब हो। इस दौरान अखिल, यीशु, सिद्धू, दीपक, अजय जोगी, अंकित मलिक, दीपक व अभिनाश मौजूद रहे।