खेलों में सबसे ज्यादा पदक विजेता हरियाणा प्रदेश हैं। प्रदेश में खेल नर्सरियां चलाकर खिलाड़ी तैयार किए जा रहे हैं। जो विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। लेकिन आज की खुवा पीढ़ि नशे के दलदल में है। खिलाड़ियों को इससे दूर रहना चाहिए। नशे से दूर रह कर ही सपनों के भारत का निर्माण किया जा सकता है। नशे के कारण युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। यह बात खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह सूरमा ने कही। वह शहीदों के नाम पर बने देश के एक मात्र इंकबाल मंदिर में लोगों को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सूरमा यहां शहीद ऊधम सिंह की जयंती पर हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। यहां उन्होंने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक बच्चों में माता-पिता व गुरुजनों के प्रति सम्मान व सेवा की भावना नहीं होगी तब तक उनमें देश सेवा का जज्बा पैदा करना संभव नहीं है। इसलिए बच्चों को पहले अपने माता-पिता व गुरुजनों की सेवा करनी चाहिए तभी वे देश सेवा कर पाएंगे। उन्होंने अध्यापकों व अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि जंक फूड व मोबाइल फोन बच्चों के लिए अभिशाप है। इन्हें बच्चों से दूर रखें।किशोरों को अभिभावक वाहन न चलाने दें, बालिग होने पर उनका ड्राइविंग लाइसेंस जरूर बनवाएं। स्कूलों में आठवीं से 12वीं तक विद्यार्थियों को यातायात नियमों के बारे जरूर पढ़ाए। उन्हें नियमों की जानकारी होना अति आवश्यक है। इससे पूर्व राज्यमंत्री संदीप सिंह का गांव गुमथला पहुंचने पर हरियाणा एंटी करप्शन सोसायटी व इंकलाब मंदिर संस्थापक अध्यक्ष वरयाम सिंह ने मंदिर कमेटी सदस्यों के साथ स्वागत किया। मंदिर की ओर से मुख्यातिथि को चांदी की हॉकी व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मुख्यातिथि ने ज्योति प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वहीं स्वर्ण पदक विजेता एथलीट शेर सिंह मलिक ने अपनी टीम के साथ कराटे से आत्मरक्षा के जौहर दिखाए। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले सभी पांच स्कूलों को मंत्री संदीप सिंह ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए 50-50 हजार की राशि देने की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर में बने हॉल कमरे का राज्यमंत्री संदीप सिंह, पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज, पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर देश वासियों के लिए उपहार है। शहीद देश की शान व धरोहर हैं। इस मंदिर प्रवेश करते ही देश प्रेम की भावना स्वत: ही आने लगती है। मंदिर युवा पीढ़ि के लिए किताब की तरह है। जहां से वे देश की आजादी के लिए प्राण न्यौछावर करने वालों के बारे जान सकते हैं। नई पीढ़ि को हमारी धरोधर को सहज के रखना होगा।
इस दौरान एसडीएम कवंर सिंह, डीएसपी कुशलपाल राणा, एक्सईएन शेर सिंह, एसडीओ जसबीर सिंह, पूर्व विधायक ईश्वर सिंह पलाका, राजकुमार बुबका, अनेज कांबोज दामला, डा. सुदेश बसंल, ईश मेहता, धनपत सैनी, शशि दुरेजा,प्रिंसीपल अनूप कोठियाल, अनिल सैनी, राजकुमार शर्मा, विक्रम बैंडी, कृष्ण मेहता सरपंच, सुरजीत सिंह भूरा, शुभम सलूजा, शेरसिंह मलिक, पंकज, मनीष कुमार बरवाला, गुरमुख सिंह, विकास कांबोज मंधार, विपिन, महेश, सर्वजीत सिंह, सोनू, दरबारी लाल, मुकेश सैनी, अशोक जोहल, धर्मसिंह पिंकी, सुशील सेतिया इत्यादि मौजूद रहे।